काठमांडू, 28 अप्रैल । नेपाल सरकार ने दो अलग-अलग अध्यादेश जारी करने के लिए राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल के समक्ष सिफारिश की है। सोमवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक के निर्णय के तहत आज मंगलवार को सरकार ने राष्ट्रपति के समक्ष सहकारी और संवैधानिक परिषद से जुड़े दो अध्यादेश जारी करने की सिफारिश भेजी।
राष्ट्रपति के प्रेस सलाहकार किरण पोखरेल ने कहा कि मंत्रिपरिषद से दो अध्यादेश सिफारिश होकर आए हैं। यहां उनका अध्ययन किया जा रहा है।” दोनों अध्यादेश आज ही राष्ट्रपति कार्यालय शीतल निवास पहुंचाए गए हैं। इससे पहले, 21 अप्रैल को हुई मंत्रिपरिषद बैठक ने संसद सत्र बुलाने के लिए राष्ट्रपति के समक्ष सिफारिश की थी। उसी सिफारिश के आधार पर राष्ट्रपति ने 4 मई के लिए संसद अधिवेशन बुलाया था।
हालांकि, बाद में सरकार ने फिर 23 अप्रैल को संसद सत्र स्थगित करने की सिफारिश राष्ट्रपति के समक्ष की थी। सरकार की सिफारिश के अनुसार राष्ट्रपति ने अधिवेशन स्थगित कर दिया था। प्रतिनिधि सभा का अधिवेशन बुलाकर फिर स्थगित करने के बाद सरकार ने अब संवैधानिक परिषद में नियुक्तियों का रास्ता खोलने के लिए अध्यादेश लाने की सिफारिश की है। संवैधानिक नियुक्तियों की सिफारिश करने वाली संवैधानिक परिषद में कुल छह सदस्यों की व्यवस्था है।
इस परिषद में प्रधानमंत्री, प्रतिनिधि सभा के सभामुख, राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष, उपसभामुख, प्रधान न्यायाधीश और विपक्षी दल के नेता सदस्य होते हैं।सोमवार को ही प्रमुख प्रतिपक्षी दल नेपाली कांग्रेस ने प्रतिनिधि सभा में अपने संसदीय दल का नेता चुना। पार्टी ने भीष्मराज अंदाबे को दल का नेता चुना, जिसके साथ ही संवैधानिक परिषद अब पूर्ण हो गई है।
