स्पोर्ट्स: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में जहां प्लेऑफ की दौड़ रोमांचक होती जा रही है, वहीं टूर्नामेंट के दौरान कई विवाद भी सामने आ रहे हैं। हाल के मामलों में राजस्थान रॉयल्स के फ्रेंचाइज़ी मैनेजर रोमी भिंडर द्वारा डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने और टीम के कप्तान रियान पराग द्वारा ड्रेसिंग रूम में वेप (vape) उपयोग करने की घटना ने क्रिकेट जगत में चर्चा बढ़ा दी है।
सूत्रों के अनुसार, रियान पराग की इस हरकत पर मैच रेफरी द्वारा कार्रवाई की गई और उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। हालांकि यह मामला यहीं नहीं रुका, बल्कि सोशल मीडिया और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच इस पर बहस तेज हो गई है। कई पूर्व खिलाड़ियों ने इसे अनुशासन से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है।
टीम इंडिया के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी इस घटना पर अपनी राय दी है। अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था और खिलाड़ियों को ऐसे मामलों में सतर्क रहना चाहिए। अश्विन ने कहा, “मुझे लगता है यह एक ऐसी स्थिति थी जिसे पूरी तरह टाला जा सकता था। मैं नहीं चाहता कि खिलाड़ी ऐसी चीज़ों में फंसें, खासकर युवा खिलाड़ी। यह एक संवेदनशील मामला है और इससे बचा जा सकता था।”
उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ियों का व्यवहार केवल निजी दायरे तक सीमित रहना चाहिए। उनके अनुसार, “कुछ चीज़ें निजी पसंद हो सकती हैं, लेकिन उसे निजी स्थान तक ही सीमित रहना चाहिए। सार्वजनिक जगहों या टीम के माहौल में ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए।”
इसी बीच, क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि IPL जैसे बड़े मंच पर खिलाड़ियों का आचरण उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उनका प्रदर्शन। ड्रेसिंग रूम और टीम वातावरण में अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि यह सीधे तौर पर टीम की छवि और युवा खिलाड़ियों पर असर डालता है।
RR से जुड़े इस विवाद के बाद फ्रेंचाइज़ी प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, खासकर तब जब डगआउट में मोबाइल उपयोग जैसे मुद्दे सामने आए हैं। हालांकि अभी तक फ्रेंचाइज़ी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान नहीं दिया गया है। IPL 2026 में जहां एक ओर मैदान पर कड़ी प्रतिस्पर्धा जारी है, वहीं ऐसे विवाद लीग के अनुशासन और आचार संहिता को लेकर नई बहस को जन्म दे रहे हैं।
