काठमांडू, 02 मई । नेपाल में आगामी महीनों के दौरान भारत के तीन प्रमुख धर्मगुरुओं का आगमन होने जा रहा है। काठमांडू, विराटनगर और पशुपतिनाथ क्षेत्र में आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उनकी विशेष सहभागिता रहने वाली है। आयोजकों के अनुसार इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और धार्मिक अनुयायियों के जुटने की संभावना है।
सबसे पहले, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष तथा गीता परिवार के संस्थापक स्वामी गोविंददेव गिरी जी महाराज नेपाल आने वाले हैं। वे 9 मई को काठमांडू में आयोजित जनकल्याण प्रतिष्ठान के 29वें वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
विश्व हिन्दू परिषद नेपाल के अंतर्गत संचालित जनकल्याण प्रतिष्ठान नेपाल में जनजातीय छात्रों के लिए “आमा को माया छात्रावास” का संचालन कर रहा है। इसके अलावा संस्था के तहत लगभग 12 हजार एकल विद्यालयों के संचालन की योजना भी बताई गई है।
इसी क्रम में श्रृंगेरी शारदापीठ के शंकराचार्य जगद्गुरु विधुशेखर भारती महाराज 22 से 28 मई तक नेपाल यात्रा पर रहेंगे। श्रृंगेरी शारदापीठ के अनुसार वे काठमांडू में आयोजित “धर्म विजय यात्रा” में सहभागी होंगे।
नेपाल प्रवास के दौरान शंकराचार्य पशुपतिनाथ मंदिर में आयोजित विशेष यज्ञ में भाग लेने के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भी शामिल होंगे।
वहीं, भारत के सबसे बड़े जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज जून महीने में नेपाल आने वाले हैं। हिन्दू स्वयंसेवक संघ के निमंत्रण पर वे 19 जून को काठमांडू में आयोजित विद्वत गोष्ठी में प्रवचन देंगे।
इसके बाद 20 जून को विराटनगर में हिन्दू स्वयंसेवक संघ के कोशी संभाग कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त 21 जून को स्वामी अवधेशानंद गिरी जी का पशुपतिनाथ मंदिर में दर्शन करने तथा जीवित देवी कुमारी की पूजा-अर्चना करने का कार्यक्रम तय है।
