प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए भारतीय वैज्ञानिकों के समर्पण और कड़ी मेहनत को याद किया, जिसके परिणामस्वरूप 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण सफल हुए थे।
ट्विटर पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, “राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की शुभकामनाएं। हमें अपने वैज्ञानिकों की कड़ी मेहनत और समर्पण को याद करते हुए गर्व हो रहा है, जिसके कारण 1998 में पोखरण में सफल परीक्षण हुए थे। वह ऐतिहासिक क्षण भारत की वैज्ञानिक उत्कृष्टता और अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था।”
उन्होंने आगे कहा, “आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन गई है। यह नवाचार को गति दे रही है, अवसरों का विस्तार कर रही है और सभी क्षेत्रों में राष्ट्र के विकास में योगदान दे रही है। हमारा निरंतर ध्यान प्रतिभाओं को सशक्त बनाने, अनुसंधान को प्रोत्साहित करने और ऐसे समाधान विकसित करने पर केंद्रित है जो राष्ट्रीय प्रगति और हमारे लोगों की आकांक्षाओं दोनों को पूरा करते हैं।”
भारत द्वारा 1998 में राजस्थान के पोखरण में किए गए सफल परमाणु परीक्षणों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है। इन परीक्षणों को सामूहिक रूप से ‘ऑपरेशन शक्ति’ के नाम से जाना जाता है, और इन परीक्षणों के साथ भारत परमाणु सक्षम देशों के समूह में शामिल हो गया और वैश्विक “परमाणु क्लब” का छठा सदस्य बन गया।
इस अभियान का नेतृत्व प्रख्यात एयरोस्पेस वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था। भारत ने 11 मई, 1998 को तीन भूमिगत परमाणु परीक्षण किए, जिसके बाद 13 मई को दो और परीक्षण किए गए, जिससे उसने थर्मोन्यूक्लियर और फिशन दोनों प्रकार के हथियार विकसित करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
यह दिन 1998 में हासिल की गई अन्य प्रमुख तकनीकी उपलब्धियों को भी चिह्नित करता है, जिसमें बेंगलुरु में स्वदेशी हंसा-3 विमान की सफल परीक्षण उड़ान और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित त्रिशूल सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण शामिल है।
इन उपलब्धियों के बाद, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत के वैज्ञानिक समुदाय को सम्मानित करने और देश की तकनीकी प्रगति का जश्न मनाने के लिए 1999 में 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस घोषित किया।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस भारत की तकनीकी प्रगति में वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और नवप्रवर्तकों के योगदान को भी मान्यता देता है। यह अवसर राष्ट्रीय विकास को सुदृढ़ करने और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करने में नवाचार और अनुसंधान के महत्व की याद दिलाता है।
