जगदलपुर, 03 जून। राज्य सरकार की कृषक उन्नति योजना किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसका जीवंत उदाहरण तोकापाल विकासखंड के ग्राम सिंगनपुर निवासी किसान पाकलूराम मौर्य हैं, जिन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों और शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर अपनी खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदल दिया है।
पाकलू मौर्य समर्थन मूल्य धान विक्रय कर अपनी फसल ऋण को भी हर साल चुकता कर देते हैं। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से प्राप्त होने वाली सहायता राशि का भी उपयोग खेती-किसानी के लिए करते हैं। पाकलूराम ने बताया कि कृषि विभाग के मैदानी अमले की सलाह के अनुसार वह उर्वरकों का संतुलित उपयोग करते हैं। विशेष रूप से नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के प्रयोग से उनकी फसल की उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
पाकलूराम मौर्य ने बताया कि वह अपनी साढ़े चार एकड़ कृषि भूमि पर पिछले दो वर्षों से धान और मक्का की उन्नत खेती कर रहे हैं। शासन की योजनाओं का लाभ और कृषि विभाग के मार्गदर्शन से उनकी आय में लगातार वृद्धि हुई है, जिससे उनका परिवार आर्थिक रूप से सशक्त और खुशहाल हुआ है। उन्होंने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से मिलने वाले ब्याजमुक्त फसल ऋण ने खेती-किसानी को आसान बनाया है। समय पर ऋण उपलब्ध होने से वह खेती के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था कर पाते हैं और बेहतर तरीके से कृषि कार्य कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप वह प्रतिवर्ष लगभग दो से ढाई लाख रुपये मूल्य का धान समर्थन मूल्य पर विक्रय करते हैं।
उन्हाेंने बताया कि आधुनिक तकनीकों को अपनाने से खेती की लागत में कमी आई है और उत्पादन बढ़ा है। उन्नत खेती से होने वाली आय ने उनके परिवार के जीवन स्तर को बेहतर बनाया है। उन्होंने बताया कि खेती से प्राप्त आमदनी के बल पर वह अपनी पुत्री हेमवती मौर्य को जगदलपुर कॉलेज में उच्च शिक्षा दिला रहे हैं। साथ ही परिवार की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति भी सहजता से कर पा रहे हैं।
