धमतरी, 06 जून । जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती उमस अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है। मौसम की मार के चलते उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन, बुखार, एनीमिया तथा अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार इन दिनों जिला अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 350 से 400 ओपीडी पर्चियां कट रही हैं, जिनमें अधिकांश मरीज गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
इस वर्ष की भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सुबह होते ही गर्म हवाओं का दौर शुरू हो जाता है और दिन चढ़ने के साथ उमस लोगों की परेशानी और बढ़ा देती है। स्थिति यह है कि पंखे और कूलर भी राहत देने में असफल साबित हो रहे हैं। लगातार बढ़ती गर्मी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं सहित सभी वर्गों के लोग स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। अस्पतालों के वार्ड मरीजों से भरे नजर आ रहे हैं। उपचार सुविधाओं में सुधार के कारण धमतरी जिले के अलावा बालोद, कांकेर तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार तेज गर्मी और शरीर में पानी की कमी के कारण डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त और बुखार के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एल. कौशिक ने बताया कि अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण लोगों की सेहत प्रभावित हो रही है। उन्होंने नागरिकों से पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचने, बाहर के तले-भुने एवं मसालेदार भोजन का सेवन कम करने तथा स्वच्छ और हल्का भोजन लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शरीर में कमजोरी, चक्कर, उल्टी-दस्त या अन्य स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को सतर्क रहने और गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।
