Pink Eye: पिंक आई और कंजंक्टिवाइटिस के बीच ज्यादातर लोग कंफ्यूज हैं। कुछ को लगता है कि ये दोनों अलग-अलग इंफेक्शन हैं तो, कुछ लोगों को लगता है कि दोनों एक ही हैं। आइए, डॉक्टर से समझते हैं।
पिंक आई और कंजंक्टिवाइटिस में क्या अंतर है?
ज्यादातर लोग पिंक आई (Pink Eye) और कंजंक्टिवाइटिस (Conjunctivitis) को अलग-अलग समझते हैं, लेकिन वास्तव में दोनों एक ही स्थिति के लिए इस्तेमाल होने वाले नाम हैं।
आंख की सबसे बाहरी पारदर्शी परत कंजंक्टाइवा (Conjunctiva) में सूजन या संक्रमण होने पर इसे कंजंक्टिवाइटिस कहा जाता है। इसी वजह से आंखें लाल या गुलाबी दिखाई देने लगती हैं, इसलिए इसे आम भाषा में पिंक आई भी कहते हैं।
कंजंक्टिवाइटिस के सामान्य लक्षण:
- आंखों का लाल होना
- जलन और खुजली
- पानी आना
- आंखों से चिपचिपा पदार्थ या मवाद निकलना
- रोशनी से परेशानी होना
- सुबह उठने पर पलकों का चिपक जाना
इसके कारण:
- वायरस संक्रमण (सबसे आम)
- बैक्टीरिया संक्रमण
- एलर्जी
- धूल, धुआं या केमिकल से जलन
बचाव के उपाय:
- आंखों को बार-बार न छुएं या रगड़ें
- हाथों को साफ रखें
- तौलिया, रुमाल और कॉस्मेटिक्स साझा न करें
- डॉक्टर की सलाह के बिना आई ड्रॉप न डालें
क्या पिंक आई संक्रामक होती है?
अगर पिंक आई वायरस या बैक्टीरिया के कारण हुई है, तो यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है।
यह फैल सकती है:
- संक्रमित व्यक्ति के हाथ लगाने से
- तौलिया, रुमाल या तकिया साझा करने से
- आंखों को छूने के बाद बिना हाथ धोए दूसरी चीजों को छूने से
इसलिए संक्रमण के दौरान साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
डॉक्टर से कब संपर्क करें?
ज्यादातर मामलों में कंजंक्टिवाइटिस कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन इन स्थितियों में डॉक्टर को दिखाना चाहिए—
- आंखों में तेज दर्द हो
- नजर धुंधली होने लगे
- आंखों में ज्यादा सूजन हो
- रोशनी सहन न हो
- कई दिनों तक सुधार न दिखे
- छोटे बच्चों या बुजुर्गों में संक्रमण हो
बचाव के आसान उपाय
- बार-बार हाथ धोएं
- आंखों को बार-बार न रगड़ें
- संक्रमित व्यक्ति का तौलिया या रुमाल इस्तेमाल न करें
- आंखों में बिना डॉक्टर की सलाह के ड्रॉप न डालें
- मोबाइल, तकिया और आसपास की चीजों को साफ रखें
- बाहर से आने के बाद हाथ जरूर धोएं
डॉक्टर की सलाह
आंखों की लालिमा को हमेशा साधारण समस्या न समझें। पिंक आई और कंजंक्टिवाइटिस एक ही समस्या के अलग-अलग नाम हैं, लेकिन इसका कारण अलग-अलग हो सकता है। सही इलाज के लिए यह पहचानना जरूरी है कि संक्रमण वायरल है, बैक्टीरियल है या एलर्जी के कारण है।
इसलिए आंखों में लालिमा, दर्द या ज्यादा पानी आने की समस्या होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है।
