नई दिल्ली, 21 जुलाई केंद्र सरकार ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के जोन के नाम बदलकर उन्हें दिल्ली के नए राजस्व जिलों के नामों के अनुरूप कर दिया है। इसके लिए एमसीडी अधिनियम, 1957 में संशोधन किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इससे नगर निगम और राजस्व विभाग के बीच बेहतर तालमेल बनेगा तथा प्रशासन अधिक स्पष्ट, आसान और जनता के लिए सुविधाजनक होगा।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के माध्यम से अधिनियम की चौदहवीं अनुसूची को संशोधित कर दिल्ली नगर निगम के वार्डों और उनके संबंधित जोनों का नया विवरण अधिसूचित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि गृह मंत्रालय की ओर से दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की चौदहवीं अनुसूची में किया गया संशोधन दिल्ली के राजस्व प्रशासन और नगर निगम प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक होगा।
दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने 25 दिसंबर 2025 की अधिसूचना के माध्यम से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में 39 उप-मंडल/तहसील और 13 क्षेत्र बनाए थे। इन क्षेत्रों को दिल्ली नगर निगम के 12 जोनों, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद और दिल्ली छावनी क्षेत्र के अनुरूप रखा गया है। प्रशासनिक दक्षता और जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए अब दिल्ली नगर निगम के मौजूदा जोनों के नामों को नए राजस्व जिला नामकरण के साथ औपचारिक रूप से एकरूप किया गया है। संशोधित चौदहवीं अनुसूची में दिल्ली नगर निगम के सभी 250 वार्डों के नाम और उनके संबंधित जोन का विवरण दिया गया है। इसके तहत दिल्ली नगर निगम के 12 जोन अब बाहरी उत्तर, उत्तर, उत्तर-पश्चिम, मध्य उत्तर, पुरानी दिल्ली, मध्य, पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण, पूर्व और उत्तर-पूर्व के नाम से सूचीबद्ध हैं।
इस प्रशासनिक समन्वय से दिल्ली के विभिन्न विभागों के क्षेत्रीय प्रशासन में बेहतर तालमेल स्थापित होने की उम्मीद है। राजस्व प्रशासन और नगर निगम प्रशासन के क्षेत्रीय नामकरण में एकरूपता से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, विभागों के बीच समन्वय और नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने की प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। अधिसूचना में दिल्ली नगर निगम के सभी 250 वार्डों को उनके संबंधित जोनों के साथ विस्तार से सूचीबद्ध किया गया है। अधिसूचना की पूरी प्रति समाचार के साथ संलग्न है।
