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नई दिल्ली, 22 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज एक्स पर सुभाषितम् साझा कर आदर्श एवं वास्तविक अर्थों में उत्कृष्ट व्यक्ति के गुणों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का चरित्र केवल उसके व्यक्तिगत कार्यों से नहीं, बल्कि समाज, मित्रों और राष्ट्र के प्रति उसके दायित्वों के निर्वहन से भी परिलक्षित होता है।
यह सुभाषितम् है- “परकार्येषु युक्तात्मा स्वकार्ये क्षिप्रसाधनम्। सुहृत्कार्येषु निर्वृत्ती राजकार्येषु विक्रमः।।” इसका का अर्थ है कि जो व्यक्ति दूसरों के कार्यों में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ लगा रहता है, अपने व्यक्तिगत कार्यों को शीघ्रता एवं कुशलता से पूरा करता है,
मित्रों के कार्यों को निःस्वार्थ भाव से संपन्न करता है तथा राष्ट्र के कर्तव्यों के निर्वहन में पूर्ण पराक्रम, साहस और समर्पण का परिचय देता है, वही वास्तविक अर्थों में श्रेष्ठ और आदर्श व्यक्ति कहलाता है।
