भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) जून 2026 में सालाना आधार पर 7.3 प्रतिशत बढ़ा है। इस वृद्धि में विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और बिजली एवं गैस आपूर्ति क्षेत्रों का सबसे बड़ा योगदान रहा। मंगलवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 7.8 प्रतिशत, जबकि बिजली एवं गैस आपूर्ति क्षेत्र में 10.6 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। वहीं खनन एवं उत्खनन क्षेत्र में 1 प्रतिशत और जलापूर्ति, सीवरेज एवं अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र में 6.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
सरकार के मुताबिक, जून में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के 23 में से 19 उद्योग समूहों ने सकारात्मक वृद्धि दर्ज की।
सबसे अधिक वृद्धि दर्ज करने वाले प्रमुख उद्योग रहे:
- इलेक्ट्रिकल उपकरण निर्माण – 34.0 प्रतिशत
- मोटर वाहन, ट्रेलर एवं सेमी-ट्रेलर निर्माण – 17.5 प्रतिशत
- खाद्य उत्पाद निर्माण – 10.8 प्रतिशत
औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) का क्विक एस्टीमेट जून 2026 में 123.1 रहा, जो जून 2025 में 114.7 था।
खाद्य उत्पाद निर्माण श्रेणी में चाय, गैर-बासमती चावल और सभी प्रकार के स्टार्च के उत्पादन ने वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सरकार ने बताया कि जून 2026 के क्विक एस्टीमेट के साथ मई 2026 के आंकड़ों में भी अंतिम संशोधन किया गया है। जून के आंकड़े 86.7 प्रतिशत और मई के संशोधित आंकड़े 93.1 प्रतिशत वेटेड रिस्पॉन्स रेट के आधार पर तैयार किए गए हैं।
सरकार के अनुसार, जुलाई 2026 के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े 28 अगस्त 2026 को जारी किए जाएंगे।
