क्वेटा, 24 अगस्त। बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले में सैन्य काफिले पर हमले को लेकर बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने बड़ा दावा किया है। संगठन के मुताबिक, आईईडी विस्फोट और उसके बाद घात लगाकर किए गए हमले में 13 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 10 से अधिक घायल हुए। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बलूचिस्तान का ऑनलाइन समाचार नेटवर्क ‘द बलूचिस्तान पोस्ट’
के मुताबिक बीएलए के प्रवक्ता जियांद बलूच ने कहा कि हमला 22 अगस्त को खदकोचा इलाके में किया गया। उनके मुताबिक, संगठन के लड़ाकों ने पहले एक बख्तरबंद सैन्य वाहन को आईईडी के जरिए निशाना बनाया। इसके बाद दूसरी बख्तरबंद गाड़ी और काफिले में शामिल अन्य वाहनों पर घात लगाकर हमला किया गया।
बीएलए ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में उसके स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशन्स स्क्वाड के सदस्य शामिल थे।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शुरुआती विस्फोट में एक बख्तरबंद वाहन नष्ट हुआ, जबकि दूसरा वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद हथियारबंद हमलावरों ने काफिले पर हमला किया और एक अन्य सैन्य वाहन को भी नुकसान पहुंचाया।
हमले के बाद बलूचिस्तान गृह विभाग ने खदकोचा और आसपास के इलाकों में बीते 23 अगस्त सुबह 7 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया।
वहीं, रविवार को बीएलए ने तुरबत के हीरबाद इलाके में एक अलग हमले का भी दावा किया। संगठन के मुताबिक, इस हमले में तीन पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और तीन घायल हुए।
हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि हीरबाद में फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) की रोड-सर्च टीम पर हमला हुआ था, लेकिन इसमें तीन जवान घायल हुए। अधिकारियों के अनुसार, तीन मोटरसाइकिलों पर सवार छह हथियारबंद लोगों ने टीम पर ग्रेनेड फेंके और गोलीबारी की। जवाबी कार्रवाई के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
बीएलए ने नोशकी, कलात, खारन, वाशुक, ज़ेहरी और चगाई समेत बलूचिस्तान के विभिन्न इलाकों में आठ अन्य अभियानों को अंजाम देने का भी दावा किया है। संगठन ने कहा है कि इन अभियानों से जुड़ी विस्तृत जानकारी अपने आगामी साप्ताहिक बयान में जारी करेगा।
बलूचिस्तान में लंबे समय से अलगाववादी संगठनों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष जारी है। मस्तुंग और तुरबत में हुए ताजा हमलों के दावों के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी
रूस में उत्तर कोरियाई सैनिकों की नई तैनाती का संकेत नहीं : दक्षिण कोरियाई सेना 08/24/2026 10:46:53 AM Medium International \Hindi\24HINT10.txt
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रूस में उत्तर कोरियाई सैनिकों की नई तैनाती का संकेत नहीं : दक्षिण कोरियाई सेना
सियोल, 24 अगस्त (हि.स.)। दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार, रूस में उत्तर कोरियाई सैनिकों की तत्काल नई तैनाती के कोई संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, उत्तर कोरिया अतिरिक्त सैनिकों को रूस भेजने की संभावित तैयारी जारी रखे हुए है।
दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप
के मुताबिक, दक्षिण कोरियाई मुख्य विपक्षी दल ‘पीपल पावर पार्टी’ के सांसद यू योंग-वोन ने रविवार को सेना की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। सांसद को सौंपी गई रिपोर्ट में रक्षा खुफिया एजेंसी (डीआईए) ने कहा कि उत्तर कोरिया तैनाती की तैयारी जारी रख रहा है, लेकिन अतिरिक्त सैनिकों की तत्काल तैनाती से संबंधित कोई गतिविधि सामने नहीं आई है।
दक्षिण कोरियाई खुफिया आकलन ऐसे समय सामने आया है जब यूक्रेन के राष्ट्रपति ने पिछले महीने दावा किया था कि रूस यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में मदद के लिए अपने दक्षिण-पश्चिमी सीमावर्ती क्षेत्र में करीब 30 हजार अतिरिक्त उत्तर कोरियाई सैनिकों को तैनात करने की तैयारी कर रहा है।
दक्षिण कोरियाई सैन्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उत्तर कोरिया आंतरिक स्तर पर अतिरिक्त सैनिक भेजने की संभावना के लिए तैयारी कर रहा है। हालांकि, अभी तक जमीन पर ऐसी कोई गतिविधि नहीं देखी गई है, जिससे तत्काल तैनाती की पुष्टि हो सके।
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की बहन और प्रभावशाली नेता किम यो-जोंग ने पिछले सप्ताह जेलेंस्की के अतिरिक्त सैनिक भेजे जाने के दावे को पूरी तरह निराधार बताया था।
उत्तर कोरिया और रूस के बीच सैन्य सहयोग बढ़ने के बाद से ही प्योंगयांग की ओर से रूसी सेना को सैनिक और हथियार उपलब्ध कराने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है।
दक्षिण कोरियाई रक्षा खुफिया एजेंसी के अनुमान के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने अक्टूबर 2024 से अब तक रूस में 16 हजार से अधिक सैनिक भेजे हैं। इनमें से बड़ी संख्या में सैनिकों के मारे जाने या घायल होने की आशंका जताई गई है।
डीआईए का यह भी आकलन है कि उत्तर कोरिया ने रूस को 1.5 करोड़ से अधिक आर्टिलरी शेल यानी तोप के गोले उपलब्ध कराए हैं।
दक्षिण कोरियाई सेना की ताजा रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि उत्तर कोरिया रूस को सैन्य सहयोग जारी रखने की तैयारी में है, लेकिन फिलहाल नई बड़ी सैन्य तैनाती के ठोस संकेत सामने नहीं आए हैं।
