नई दिल्ली, 29 अगस्त अर्जेंटीना ने भारतीय फार्मा सेक्टर के प्रवेश को आसान बनाने को लेकर बाधाओं को कम करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। इस हफ्ते वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल की ब्यूनस आयर्स यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा हुई।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि अर्जेंटीना ने अपने यहां भारतीय दवा क्षेत्र के प्रवेश को सुगम बनाने के लिए बाधाओं को कम करने की प्रतिबद्धता जताई है। मंत्रालय ने बताया कि इससे भारतीय दवा कंपनियों के लिए व्यापक अवसर मिलने और अर्जेंटीना में गुणवत्तापूर्ण तथा किफायती स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है।
मंत्रालय ने कहा, ”अर्जेंटीना ने अपने दवा नियामक ढांचे के तहत भारत को एनेक्स-2 से एनेक्स-1 में अपग्रेड करने और बाजार में प्रवेश की बाधाओं को और कम करने की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।”
यह मुद्दा इस सप्ताह वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल की ब्यूनस आयर्स यात्रा के दौरान चर्चा में आया। वह भारत-अर्जेंटीना संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) की बैठक के लिए अर्जेंटीना के दौरे पर थे, जो 24 अगस्त 2026 को ब्यूनस आयर्स के पलासियो सैन मार्टिन में आयोजित की गई थी। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने किया, जबकि अर्जेंटीना प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंध सचिव राजदूत फर्नांडो ब्रून ने किया।
मंत्रालय ने बताया कि भारत और अर्जेंटीना के बीच द्विपक्षीय व्यापार 2025 में 6.5 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर गया, जिसने 17 फीसदी से अधिक की निरंतर वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। इस दौरान खनन, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान भारत और अर्जेंटीना ने लिथियम, ऊर्जा और कृषि क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी बात की।
