नई दिल्ली, 03 सितंबर । इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) कंपनी ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 82 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 32.93 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 109 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 34.15 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 110 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली के दबाव में हुई बिकवाली के कारण ये शेयर लुढ़क कर 106.48 रुपये के स्तर तक आ गया, लेकिन थोड़ी देर बाद ही लिवाली शुरू हो जाने के कारण ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 114.48 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच सुबह 10:45 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 112.72 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 30.72 रुपये यानी 37.46 प्रतिशत का फायदा हो चुका है।
इस कंपनी का 700 करोड़ रुपये का आईपीओ 27 से 31 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 124.02 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 232.79 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 185.21 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 40.27 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व पोर्शन 12.37 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत पांच रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 8,53,65,851 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 500 करोड़ रुपये के 6,09,75,609 नए शेयर बिके हैं, जबकि लगभग 200 करोड़ रुपये के 2,43,90,242 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए मशीनरी और इक्विपमेंट्स की खरीदारी करने, सिविल वर्क और इंटीरियर सेटअप डेवलप करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 86.61 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 124.59 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 160 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,424.63 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,946.88 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 2,089.31 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 40.91 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग दस गुना बढ़ कर 418.83 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ कम होकर 384.16 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 413.86 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 446.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 606.16 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 445.86 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 570.29 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 729.58 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 145.09 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 222.94 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 238.95 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
