नई दिल्ली,05 सितंबर । केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस वर्ष राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक देश के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षकों को बच्चों को इस तरह तैयार करना चाहिए कि वे वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान दे सकें।
प्रह्लाद जोशी ने कहा कि विद्यार्थी राष्ट्र की सबसे बड़ी संपत्ति हैं। इसलिए उनका केवल किताबी ज्ञान तक सीमित विकास नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें एक सर्वांगीण व्यक्तित्व के रूप में तैयार किया जाना जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल, आत्मविश्वास और अच्छे मूल्यों का विकास करने का आह्वान किया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों के योगदान और उनके अनुभवों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मेहनत और नवाचार देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर दाेनाें शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी और डॉ. सुकांत मजूमदार भी उपस्थित रहे।
