नई दिल्ली, 05 अक्टूबर । लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केन्द्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह व अन्य ने सोमवार को सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव के ज्योति-जोत दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन किया।
ओम बिरला ने एक्स पर कहा, सिख धर्म के संस्थापक, प्रथम पातशाही गुरु नानक देव के ज्योति-जोत दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। मानवता, समानता और आध्यात्मिक चेतना के महान अग्रदूत, गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के माध्यम से दुनिया को सत्य, करुणा, मानवता और भलाई का संदेश दिया। उन्होंने समाज में व्याप्त अंधविश्वासों, भेदभाव, जाति-व्यवस्था और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध निडर होकर आवाज उठाई। गुरु साहिब की विचारधारा सभी जीवों के कल्याण का मार्ग दिखाती है। प्रेम, करुणा, सेवा, सत्य, भाईचारे और आपसी सम्मान पर आधारित उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
अमित शाह ने कहा कि गुरु नानक देव का संदेश ‘नाम जपो, किरत करो, वंड छको’ आज भी हर व्यक्ति को ईमानदारी से मेहनत करने और उस मेहनत का फल दूसरों के साथ मिल-बाँटकर खाने के लिए प्रेरित करता है। हजारों वर्षों की भारतीय संस्कृति की यात्रा का सार समेटे उनकी वाणी सभी को हमेशा सच्चाई, सेवा और सद्भाव के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती रहेगी।
संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि ‘इक ओंकार’ का संदेश देते हुए गुरु नानक देव मानवता को सत्य, समानता, सेवा और भाईचारे का मार्ग दिखाया। साथ ही जाति-भेद, भेदभाव और सामाजिक कुरीतियों का विरोध करते हुए सभी मनुष्यों के प्रति समानता और सम्मान का संदेश दिया। उनकी पवित्र शिक्षाएं आज भी सभी को निस्वार्थ सेवा, परोपकार और मानव कल्याण के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती हैं।
केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्य़टनमंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने गुरुनानक की पंक्तियों को उद्धत करते हुए कहा कि नानक नाम चढ़दी कला, तेरे भाणे सरबत दा भला। केन्द्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि गुरु नानक देव सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु, प्रेम, करुणा, सभी धर्मों के बीच आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता की प्रतिमूर्ति थे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि गुरु नानक देव ने अपने वचनों और जीवन के माध्यम से मानवता को सेवा, सद्भाव और समानता का मार्ग दिखाया। सिख धर्म के संस्थापक के रूप में, उन्होंने सत्य, करुणा और मानव सेवा को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया।
गुरु साहिब की शिक्षाएं सदैव सभी का मार्गदर्शन करती रहें और सभी उनके द्वारा सिखाए गए आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर समाज तथा राष्ट्र के कल्याण में योगदान देते रहें यही उनकी प्रार्थना है।
