चुकंदर का जूस पोषक तत्वों से भरपूर पेय माना जाता है। चुकंदर में प्राकृतिक नाइट्रेट, फोलेट, पोटैशियम, मैंगनीज, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसे संतुलित मात्रा में डाइट में शामिल करने से शरीर को कई तरह से पोषण मिल सकता है।
चुकंदर के जूस का सबसे प्रमुख गुण इसमें मौजूद प्राकृतिक नाइट्रेट है। शरीर इन नाइट्रेट्स को नाइट्रिक ऑक्साइड में बदलता है, जो रक्त वाहिकाओं को फैलाने और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में भूमिका निभाता है। इसी वजह से चुकंदर का जूस व्यायाम और शारीरिक गतिविधि करने वाले लोगों के बीच भी लोकप्रिय है। कुछ अध्ययनों में इसे व्यायाम के दौरान सहनशक्ति और प्रदर्शन में मामूली सुधार से जोड़ा गया है।
चुकंदर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, खासकर बीटालेन, शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं। ये प्राकृतिक यौगिक शरीर में होने वाली सूजन से संबंधित प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने में भी भूमिका निभाते हैं।
इसमें पाया जाने वाला फोलेट कोशिकाओं के निर्माण और सामान्य रक्त निर्माण के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। वहीं पोटैशियम शरीर में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने तथा मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज में योगदान देता है।
चुकंदर का जूस पाचन के लिए भी उपयोगी हो सकता है, हालांकि जूस बनाने के दौरान चुकंदर का काफी फाइबर अलग हो जाता है। इसलिए यदि पाचन और फाइबर का लाभ लेना हो तो चुकंदर को सलाद या सब्जी के रूप में खाना अधिक बेहतर विकल्प हो सकता है।
चुकंदर का जूस प्राकृतिक रूप से मीठा होता है और इसमें कैलोरी भी होती है। इसलिए वजन नियंत्रित करने वाले लोगों को इसकी मात्रा का ध्यान रखना चाहिए। बाजार में मिलने वाले अतिरिक्त चीनी वाले चुकंदर के जूस की जगह घर पर तैयार किया गया ताजा जूस बेहतर विकल्प हो सकता है।
ध्यान रखें कि चुकंदर खाने या उसका जूस पीने के बाद पेशाब या मल का रंग गुलाबी या लाल दिखाई दे सकता है। इसे बीट्यूरिया कहा जाता है और आमतौर पर यह हानिकारक नहीं होता।
कुल मिलाकर, चुकंदर का जूस संतुलित आहार का पौष्टिक हिस्सा हो सकता है। हालांकि, इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। स्वास्थ्य संबंधी विशेष समस्या होने पर डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।
