इंदौर/देवास, 14 अक्टूबर । मध्य प्रदेश लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार सुबह पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी), इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक (ड्राइवर) फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की। लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीमों ने सुबह करीब 6 बजे इंदौर और देवास स्थित 15 ठिकानों पर एक साथ तलाशी शुरू की। शुरुआती जांच में करीब 6.26 करोड़ की संपत्ति सामने आने की जानकारी दी गई है।
लोकायुक्त के मुताबिक, यह संपत्ति आरोपी की ज्ञात आय की तुलना में करीब 223 प्रतिशत अधिक आंकी गई है। कार्रवाई के दौरान मकान, फ्लैट, प्लॉट, कृषि भूमि, व्यावसायिक संपत्तियों और विभिन्न फर्मों के वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, देवास में फिरोज खान के आदर्श नगर स्थित निवास सहित शहर के अलग-अलग इलाकों में तलाशी ली गई। वहीं, इंदौर के बाणगंगा, स्कीम नंबर 94 और श्रीनगर कॉलोनी सहित अन्य स्थानों पर टीमें पहुंचीं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कृषि भूमि और व्यावसायिक भूखंडों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। कार्रवाई में लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन के अधिकारियों के साथ पुलिसकर्मी शामिल हैं।
लोकायुक्त के एसपी राजेश सहाय के अनुसार, प्रारंभिक आकलन में फिरोज खान को नौकरी के दौरान वेतन से करीब 75 लाख रुपए की आय होना अनुमानित किया गया है। अन्य स्रोतों से हुई आय को जोड़कर कुल आय एक करोड़ 93 लाख 84 हजार 440 रुपए आंकी गई है। इसके मुकाबले जांच में अब तक 6 करोड़ 26 लाख 67 हजार 879 रुपए की संपत्ति की जानकारी दी गई है। लोकायुक्त के अनुसार, संपत्ति का मूल्य ज्ञात आय की तुलना में करीब 223 प्रतिशत अधिक है। इसी आधार पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच की जा रही है। हालांकि, तलाशी और दस्तावेजों की पड़ताल पूरी होने के बाद संपत्तियों के मूल्य, आय के स्रोत और वित्तीय लेन-देन का विस्तृत आकलन किया जाएगा।
प्रारंभिक जांच में इंदौर के स्कीम नंबर 94 स्थित मनोरमा अपार्टमेंट में दो फ्लैट फिरोज खान की मां वहीदा खान के नाम पर होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा श्रीनगर कॉलोनी स्थित श्रीदेवी अपार्टमेंट के एक फ्लैट को भी जांच में शामिल किया गया है। इसके अलावा फिरोज खान की मां और पत्नी के नाम पर साहिल ट्रेडिंग नाम से एक फर्म संचालित होने की जानकारी मिली है। इस फर्म के बैंक खातों में करोड़ों रुपए के लेन-देन की जांच की जा रही है। साथ ही रियल एस्टेट में निवेश से जुड़ी रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट नामक फर्म के दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं।
जांच में फिरोज खान की परिचित रोशनी वर्मा का नाम भी सामने आया है। लोकायुक्त के मुताबिक, रोशनी वर्मा के नाम पर रोशनी सेल्स एंड सर्विस नाम से फर्म संचालित किए जाने की जानकारी मिली है। बुधवार सुबह इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र स्थित उनके निवास पर भी तलाशी ली गई। जमीनों की खरीद और वित्तीय लेन-देन में उनकी भूमिका की जांच के बाद उन्हें भी मामले में आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि संबंधित संपत्तियों की खरीद में किसका धन लगा और संपत्तियों पर वास्तविक नियंत्रण किसका है।
लोकायुक्त की कार्रवाई में सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि से जुड़ा मामला भी महत्वपूर्ण है। इस जमीन को लेकर शिकायतकर्ता और उसके पिता के बीच विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान फिरोज खान ने रोशनी वर्मा के माध्यम से शिकायतकर्ता के पिता से जमीन का पंजीकृत एग्रीमेंट करवाने में भूमिका निभाई। शिकायत का सत्यापन करने के बाद कार्रवाई की गई। अब जमीन के सौदे से संबंधित दस्तावेज, एग्रीमेंट, भुगतान और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि जमीन की खरीद के लिए धन किसने उपलब्ध कराया और सौदे में फिरोज खान की भूमिका किस स्तर तक थी।
लोकायुक्त के डीएसपी सुनील तालान के अनुसार, फिरोज खान वर्तमान में इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में पदस्थ हैं। उन्होंने बताया कि प्रधान आरक्षक के लंबे समय से गैरहाजिर रहने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, गैरहाजिरी और आय से अधिक संपत्ति की जांच अलग-अलग विषय हैं। फिरोज के पिता प्रधान आरक्षक थे और उसका एक भाई वर्तमान में एएसआई है जिसके आगर मालवा क्षेत्र में पदस्थ होने की जानकारी सामने आई है।
देवास और इंदौर में कुल आठ टीमों के माध्यम से तलाशी की जा रही है। देवास में डीएसपी सुनील तालान और दीपक सेजवार सहित अन्य अधिकारी कार्रवाई में शामिल हैं। इंदौर में डीएसपी आनंद चौहान और दिनेशचंद्र पटेल के नेतृत्व में टीमें जांच कर रही हैं। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों, फर्मों के लेन-देन और निवेश के स्रोतों की पड़ताल पर केंद्रित है। तलाशी में मिले दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद संपत्तियों के वास्तविक मूल्य तथा आय के मुकाबले उनकी स्थिति स्पष्ट होगी।
