Featured देश चाणक्य नीति:- संगति कुलीनों की करें Divya Chinta March 13, 2024 एतदर्थ कुलीनानां नृपा: कुर्वन्ति संग्रहम | आदिमध्यावसानेषु न त्यजन्ति च ते नृपम || आचार्य चाणक्य यहां कुलीनता का वैशिष्टय को बताये हुए कहते हैं कि कुलीन लोग आरंभ से अंत तक साथ नहीं छोड़ते | वे वास्तव में संगती का धर्म निभाते हैं | इसलिए राजा लोग कुलीनों का संग्रह करते हैं ताकि समय-समय पर सत्यपरामर्श मिल सके | अभिप्राय यह है कि अच्छे खानदानी व्यक्ति जिसके साथ मित्रता करते हैं, उसे जीवन भर निभाते हैं | वे शुरू से अंत तक सुख और दुःख दोनों दशाओं में कभी साथ नहीं छोड़ते | इसीलिए राजा लोग ऐसे कुलीनों को अपने पास रखते हैं | इसलिए राजा लोग और राजपुरुष महत्वपूर्ण एवं विशिष्ट राजकीय सेवाओं में कुलीन पुरुषों की नियुक्ति उनके उच्च सस्कारों और परंपरागत शिक्षा-दीक्षा के कारण ही करते हैं | वे कभी नीच अथवा ओछे हथकण्डे अपनाकर अपने स्वामी के साथ छल या धोखा नहीं करते | Post navigation Previous भीगी हुई मूंगफली खाने से मिलते हैं कमाल के फायदेNext गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना, मैनुअल तरीके से होगी पुलिस की बहाली Related Stories रक्षा सहयोग और सैन्य संबंधों को मजबूत करने के लिए सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने रूस की आधिकारिक यात्रा शुरू की। Featured देश रक्षा सहयोग और सैन्य संबंधों को मजबूत करने के लिए सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने रूस की आधिकारिक यात्रा शुरू की। September 16, 2026 विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और बांग्लादेश संवाद के माध्यम से संबंधों को नए सिरे से स्थापित करने के लिए प्रयासरत हैं। Featured देश विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और बांग्लादेश संवाद के माध्यम से संबंधों को नए सिरे से स्थापित करने के लिए प्रयासरत हैं। September 16, 2026 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ग्रामीण जल स्रोतों की जियो-टैगिंग शुरू करने और मानसून के बाद 2 अक्टूबर से जल परीक्षण शुरू करने की सलाह दी गई है। Featured देश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ग्रामीण जल स्रोतों की जियो-टैगिंग शुरू करने और मानसून के बाद 2 अक्टूबर से जल परीक्षण शुरू करने की सलाह दी गई है। September 16, 2026