नई दिल्ली, 3 मार्च। दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र 24 से 26 मार्च तक होगा। विकसित दिल्ली के इस बजट के लिए सरकार राजधानी के विभिन्न वर्गों से सुझाव लेने का प्रयास करेगी ताकि सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय बजट बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को अपने सहयोगी मंत्रियों के साथ यहां आहूत एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 का बजट 24 से 26 मार्च के बीच पेश किया जाएगा। इसमें दिल्ली के सभी वर्गों के सुझावों को शामिल करने का पुरजोर प्रयास रहेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के घोषणा पत्र में महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना, प्रदूषण को कम करना, यमुना की सफाई, रोजगार, वरिष्ठ नागरिकों का कल्याण और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों का प्रमुखता से जिक्र किया गया था। अब हमारा उद्देश्य दिल्ली के लोगों की इन तमाम प्राथमिकताओं को ध्यान में रखना और उसके अनुसार बजट की रूपरेखा तैयार करना है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनभागीदारी बढ़ाने के लिए सभी हितधारकों के सुझावों को लें और उन्हें बजट में शामिल करें। इसे सुविधाजनक बनाने के लिए एक ईमेल ([email protected]) और व्हाट्सएप नंबर (999962025) शुरू किया गया है, जिससे दिल्ली का कोई भी नागरिक अपने सुझाव दे सकता है। सरकार ने 5 मार्च को महिला संगठनों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया गया है। छह मार्च को व्यापारिक और औद्योगिक संगठनों को सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यह आम आदमी का बजट हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में दिल्ली के सभी मंत्री और विधायक बजट पर जनता की अपेक्षाओं को जानने के लिए लोगों के बीच जाएंगे। हमारी सरकार दिल्ली के लोगों से किए गए सभी वादों को पूरा करेगी। गौरतलब है कि दिल्ली सरकार में वित्त विभाग भी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के पास ही है, इसलिए अबकी बार बजट भी वही पेश करेंगी।
