भारत ने चिकित्सा उत्पाद विनियमन के क्षेत्र में सहयोग के लिए आर्मेनिया के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान की मौजूदगी में कल दिल्ली में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों मंत्रियों ने डिजिटल प्रौद्योगिकियों और फार्मास्यूटिकल्स में सहयोग की संभावनाओं पर सहमति जताई। उन्होंने राजनीतिक आदान-प्रदान, व्यापार, अर्थशास्त्र, संपर्क, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्रों सहित भारत-आर्मेनिया द्विपक्षीय सहयोग के बढ़ते दायरे की भी समीक्षा की। दोनों देशों ने सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस और आर्मेनिया के विदेश मंत्रालय के डिप्लोमैटिक स्कूल के बीच सहयोग पर एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए।
बैठक के दौरान डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत का लक्ष्य आर्मेनिया के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना है, जो इतिहास में गहराई से निहित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश अच्छे राजनीतिक सहयोग साझा करते हैं, और द्विपक्षीय व्यापार और रक्षा सहयोग में वृद्धि देखी गई है। उन्होंने साझा हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
इस बीच, श्री मिर्जोयान ने कहा कि उन्होंने अपने द्विपक्षीय एजेंडे के प्रमुख विषयों पर सार्थक चर्चा की। उन्होंने कहा कि ये दोनों देशों के बीच हुई महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाते हैं और अपनी साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों को रेखांकित करते हैं।
