नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने साहिबी नदी के दोनों किनारों पर धांसा से वसई दारापुर तक एक समर्पित सड़क कॉरिडोर विकसित करने की योजना को मंजूरी दी है। इसके साथ ही दिल्ली की चार प्रमुख लोक निर्माण विभाग की सड़कों को अब आधिकारिक रूप से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सौंप दिया गया है, जिससे इनके विस्तार और रखरखाव में तेजी आएगी। शुक्रवार को उच्च स्तरीय समिति की बैठक में यह निर्णय लिए गए।
लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह की अध्यक्षता में हुई यूटी-स्तरीय समन्वय समिति की पहली बैठक में दिल्ली में यातायात अवरोधों को दूर करने, विभिन्न एजेंसियों के ओवरलैप को रोकने और प्रमुख सड़क परियोजनाओं को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मंत्री ने बताया कि दिल्ली में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए साहिबी नदी के दोनों किनारों पर धांसा से वसई धरापुरी तक दोनों तरफ एक समर्पित सड़क कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह नई सड़कें राजधानी में ट्रैफिक का बोझ कम करेंगी और वैकल्पिक मार्ग के रूप में काम करेंगी।
उन्होंने बताया कि धौला कुआं मेट्रो स्टेशन के पास स्थित पुलिस स्टेशन को स्थानांतरित कर एनएच-48 से नारायणा के लिए एक समर्पित स्लिप रोड बनाई जाएगी।
मंत्री ने बताया कि दिल्ली की सड़क संरचना को और अधिक उन्नत और व्यवस्थित बनाने के लिए चार प्रमुख पीडब्ल्यूडी सड़कों को अब आधिकारिक रूप से एनएचएआई को सौंप दिया गया है।
ये सड़कें निम्नलिखित हैं। दिल्ली-रोहतक रोड (एच-10): पीरागढ़ी से टिकरी बॉर्डर (13.2 किमी), दिल्ली-रोहतक रोड (एच-10): पीरागढ़ी से जखेरा (6.8 किमी), एन-2 (मथुरा रोड): आली गांव से रिंग रोड, आश्रम जंक्शन (7.5 किमी) और एच-148ए (एमजी रोड): 8 किमी का खंड है।
मंत्री ने कहा कि दिल्ली को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे से सुसज्जित करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
यह बैठक दिल्ली के बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
