केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भाजपा विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को आश्वासन दिया है कि जम्मू क्षेत्र में आतंकवाद संबंधी स्थिति पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिए जाने पर केंद्र सरकार के रुख को दोहराते हुए कहा कि उचित समय पर इसे बहाल कर दिया जाएगा। श्री शाह ने केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में त्रिकुटा नगर स्थित पार्टी मुख्यालय में सभी 28 भाजपा विधायकों के साथ दो-दो घंटे लंबी दो बैठकें कीं। बैठक में राष्ट्रीय महासचिव-प्रभारी जम्मू-कश्मीर तरुण चुग, भाजपा यूटी प्रमुख सत शर्मा, विपक्ष के नेता (एलओपी) सुनील शर्मा और सांसद जुगल किशोर शर्मा और गुलाम अली खटाना भी मौजूद थे। श्री शाह सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने, सुरक्षा कर्मियों से बातचीत करने और केंद्र शासित प्रदेश में करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने और विकास कार्यों की प्रगति की जांच करने के लिए जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर कल शाम जम्मू पहुंचे। श्री शाह का तकनीकी हवाई अड्डे पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, वरिष्ठ भाजपा नेताओं और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने स्वागत किया। श्री शाह का जम्मू और कश्मीर दोनों संभागों में व्यस्त कार्यक्रम है। वह आज अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) का दौरा करेंगे और कठुआ जिले में बीएसएफ सीमा चौकी (बीओपी) विनय का दौरा कर वहां की जमीनी स्थिति का आकलन करेंगे। श्री शाह दोपहर 2 बजे राजभवन जम्मू में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस के शहीदों के परिजनों से मिलेंगे और अनुकंपा के आधार पर चयनित कुछ जवानों को नियुक्ति पत्र भी सौंपेंगे। वह शाम को श्रीनगर के लिए रवाना होंगे। कल श्री शाह एकीकृत मुख्यालय और श्रीनगर में श्री अमरनाथ यात्रा की वार्षिक तीर्थयात्रा की दो अलग-अलग महत्वपूर्ण सुरक्षा समीक्षा बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। गृह मंत्री वर्चुअल उद्घाटन और आधारशिला समारोह के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के लोगों को कई करोड़ रुपये की परियोजनाएं समर्पित करेंगे। श्री शाह सबसे पहले श्रीनगर में राजभवन में आयोजित बैठक में केंद्र शासित प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यक्रमों का जायजा लेंगे। इसके बाद, वह श्रीनगर में राजभवन में एक और बैठक में भाग लेंगे, जहां जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इस बैठक में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, गृह मंत्रालय, सेना, अर्धसैनिक बल, जम्मू-कश्मीर पुलिस, खुफिया एजेंसियों और नागरिक प्रशासन के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस बैठक में आतंकवाद विरोधी अभियानों, सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशों और जम्मू-कश्मीर में समग्र सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा होने की उम्मीद है। सुरक्षा के अलावा, वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए किए जाने वाले अन्य प्रबंधों पर भी चर्चा की जाएगी।
