केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज नई दिल्ली में भारतीय रसायन एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा देने पर चर्चा करने के लिए आयोजित एक दिवसीय मंथन शिविर की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान, श्री नड्डा ने रसायन क्षेत्र में दीर्घकालिक, सतत विकास हासिल करने के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता पर जोर दिया और इस तथ्य पर विश्वास व्यक्त किया कि सही दृष्टिकोण के साथ, देश एक अधिक लचीला और आत्मनिर्भर औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि एक समग्र और पूरी सरकार के दृष्टिकोण का पालन करते हुए ऐसी विचार-विमर्श प्रक्रियाएं नियमित अंतराल पर आयोजित की जानी चाहिए ताकि नीति निर्माण में बाधा न आए और 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने में मदद मिले। मंत्री ने यह भी कहा कि इस विचार प्रक्रिया और संवाद को एक सतत प्रक्रिया बनाने के लिए संस्थागत बनाया जाना चाहिए।
इस कार्यक्रम में राजस्व, डीपीआईआईटी, फार्मास्यूटिकल्स, कौशल विकास और उद्यमिता सहित विभिन्न विभागों और मंत्रालयों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इससे पहले, इस अवसर पर बोलते हुए रसायन एवं पेट्रोरसायन सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने बताया कि विचार-विमर्श छह विषयगत क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। ये हैं बुनियादी ढांचा विकास; स्थिरता, पुनर्चक्रण और चक्रीय अर्थव्यवस्था; व्यापार सुधारात्मक उपाय; विकसित भारत की दिशा में विनिर्माण को बढ़ावा देना; कुशल कार्यबल और प्रशिक्षण; और भविष्य के लिए तैयार प्लास्टिक उद्योग के लिए रोड मैप
