नई दिल्ली, 3 मई । लोक निर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने गोल्फ लिंक क्षेत्र का शनिवार को दौरा कर वहां चल रहे नाले, सीवर लाइन और सम-वेल निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इस मौके पर भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज भी मौजूद रहीं।
मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद के अंतर्गत आने वाले सभी आवश्यक कार्य आदेश जारी किए जा चुके हैं और सभी कार्य 30 मई तक पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान इस बार जलभराव की स्थिति नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि हमने आज गोल्फ लिंक क्षेत्र का दौरा किया, क्योंकि पिछले मानसून में यह इलाका पूरी तरह से जलमग्न हो गया था। इस बार हम पूरी तरह से तैयार हैं। एनडीएमसी ने सभी आवश्यक वर्क ऑर्डर जारी कर दिए हैं और काम तेजी से चल रहा है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि यहां तीन नए सम-वेल बनाए जा रहे हैं, जहां पंप पहले ही लगाए जा चुके हैं, ताकि बारिश का पानी सीधे ड्रेनों में डाला जा सके। इसके अतिरिक्त पिछले 10 दिनों से ‘सुपर सकर’ मशीन के माध्यम से गहन सफाई कार्य भी किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि सारा कार्य निर्धारित लक्ष्य के अनुसार चल रहा है। शुक्रवार की की बारिश हमारे लिए चेतावनी थी, इसलिए सभी अधिकारी मौके पर हैं और समय से पहले कार्य पूरे करने में लगे हैं। इस बार दिल्ली का कोई भी इलाका जलभराव का सामना नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सुबह 8:30 बजे तक दिल्ली में 78 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो मई महीने में 1901 के बाद दूसरी सबसे अधिक 24 घंटे की वर्षा रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार सबसे अधिक वर्षा 20 मई 2021 को 119.3 मिमी दर्ज की गई थी।
मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि दिल्ली के सभी इलाकों में तेज गति से नालों की सफाई का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि दिल्ली के सभी नालों की सफाई 30 मई तक पूरी हो जाए।
उन्होंने कहा कि हर नाले को साफ करना, हर समस्या को सुलझाना और मानसून की पहली बारिश से पहले पूरी तैयारी करना हमारा लक्ष्य है। पीडब्ल्यूडी और जल बोर्ड के अधिकारी सड़कों पर निरीक्षण कर रहे हैं।
मंत्री प्रवेश वर्मा ने आज ही बीके दत्त कॉलोनी में सड़क, पाइपलाइन और पेड़ों से जुड़ी समस्याओं का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर जमीनी समस्याओं को हल करने का भरोसा दिलाया। मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि शहर में जलभराव रोकने के लिए तैयार की गई समग्र रणनीति के तहत एडीएमसी, दिल्ली जल बोर्ड और पीडब्ल्यूडी जैसी सभी एजेंसियां आपसी समन्वय में काम कर रही हैं।
