नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के बोधगया में महाबोधि महाविहार मंदिर का प्रबंधन बौद्धों को सौंपने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। जस्टिस एमएम सुंदरेश की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच ने कहा कि इस मामले में संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत कोर्ट सुनवाई नहीं कर सकती। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को पटना हाई कोर्ट जाने को कहा।
सुलेखाताई नलिनीताई नारायणराव कुंभारे ने दायर याचिका में महाबोधि महाविहार मंदिर का प्रबंधन बौद्धों को सौंपने की मांग की गई थी। याचिका में बोध गया टेंपल एक्ट में संशोधन करने की मांग की गई थी।
बोधगया में महाबोधि मंदिर यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल है। यहीं भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। महाबोधि मंदिर परिसर में 50 मीटर ऊंचा भव्य मंदिर है। परिसर में मंदिर के अलावा वज्रासन, पवित्र बोधि वृक्ष और बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति के छह पवित्र स्थल शामिल हैं। बौद्ध संगठनों ने महाबोधि मंदिर पर बौद्धों को नियंत्रण देने की मांग करते हुए प्रदर्शन भी किया था।
