आयकर विभाग ने आयकर विधेयक 2025 के तहत कर दरों में किसी भी तरह के बदलाव की संभावना से इनकार किया है। आईटी विभाग ने प्रस्तावित आयकर विधेयक 2025 पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि इसका उद्देश्य केवल भाषा को सरल बनाना और अनावश्यक या पुराने प्रावधानों को हटाना है, तथा यह कर दरों में किसी भी तरह के बदलाव का प्रस्ताव नहीं करता है।
यह स्पष्टीकरण कई मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किए जाने के बाद आया है कि नया विधेयक कुछ खास श्रेणियों के करदाताओं के लिए दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (LTCG) कर दरों में बदलाव करेगा। अपने स्पष्टीकरण में, आयकर विभाग ने कहा कि नया विधेयक मौजूदा कर ढांचे में कोई बदलाव किए बिना, कानून को समझने में आसान बनाने और मौजूदा प्रावधानों को सुव्यवस्थित करने पर केंद्रित है।
नया आयकर विधेयक इस साल फरवरी में बजट सत्र के दौरान लोकसभा में पेश किया गया था। इसके बाद, इसे लोकसभा की एक प्रवर समिति के पास भेजा गया, जिसने हाल ही में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इस विधेयक का उद्देश्य मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 को प्रतिस्थापित करना है, जिसका मुख्य लक्ष्य कर कानूनों को सरल, अधिक आधुनिक और प्रौद्योगिकी-अनुकूल बनाना है।
