प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अवैध आव्रजन के प्रति आगाह किया है, जो देश की जनसांख्यिकी के लिए ख़तरा है। अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में, श्री मोदी ने अवैध प्रवासियों से उत्पन्न ख़तरों से देश की रक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन की घोषणा की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह देश को उस चिंता से आगाह करना चाहते हैं जो अब एक चुनौती बन गई है। उन्होंने कहा कि एक सोची-समझी साजिश के तहत देश की जनसांख्यिकी को बदला जा रहा है और एक नए संकट के बीज बोए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि घुसपैठिए देश के युवाओं की आजीविका छीन रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि वे हमारी बहनों और बेटियों को निशाना बना रहे हैं।
वे आदिवासियों को गुमराह कर रहे हैं और उनकी ज़मीनें हड़प रहे हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने जनसांख्यिकीय परिवर्तनों, खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में, के कारण उत्पन्न चुनौतियों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा पैदा करते हैं।
