भारतीय डाक की “उन्नत डाक तकनीक (APT)” की पूरे देश में शुरुआत, सिंधिया बोले – आत्मनिर्भर डिजिटल इंडिया की ऐतिहासिक छलांग
भारतीय डाक ने देश के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को नई दिशा देने के लिए आईटी 2.0 कार्यक्रम के तहत 5,800 करोड़ रुपये की लागत से विकसित उन्नत डाक प्रौद्योगिकी (APT) को राष्ट्रव्यापी रूप से लॉन्च कर दिया है। यह पहल भारतीय डाक नेटवर्क के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने इस ऐतिहासिक शुरुआत के लिए भारतीय डाक को बधाई दी और इसे “भारत की डिजिटल यात्रा में एक मील का पत्थर” बताया।
APT: स्वदेशी तकनीक, आत्मनिर्भरता की ओर कदम
सिंधिया ने सोशल मीडिया पर लिखा कि APT एक पूर्णत: स्वदेशी तकनीक है, जो सरकार के डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया अभियानों के अनुरूप तैयार की गई है। उन्होंने कहा:
“APT को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह रीयल-टाइम निर्णय लेने में सक्षम हो, ई-कॉमर्स की पहुंच को और व्यापक बनाए, ऑटोमेशन से लागत घटाए और नागरिकों को कहीं भी, कभी भी मोबाइल-तैयार सेवाएं उपलब्ध कराए।”
उन्होंने आगे कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विज़न को具 साकार करती है। “APT एक मजबूत, आत्मनिर्भर डिजिटल इंडिया की नींव को और मज़बूत करता है।”
1.64 लाख डाकघरों में सफल कार्यान्वयन
इंडिया पोस्ट ने जानकारी दी कि केवल तीन महीनों के भीतर देश भर के 1.64 लाख डाकघरों में APT सिस्टम लागू कर दिया गया है। यह सिस्टम भारतीय डाक के डाक प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र द्वारा पूरी तरह से आंतरिक रूप से विकसित (In-House Developed) किया गया है।
इसे केवल एक तकनीकी अपग्रेड नहीं, बल्कि भारतीय डाक को अधिक कनेक्टेड, कुशल और उत्तरदायी बनाने वाला “Made-in-India समाधान” बताया जा रहा है।
लॉजिस्टिक्स और संचार में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा
APT के लॉन्च से भारतीय डाक का नेटवर्क अब लॉजिस्टिक्स और संचार के तेज़ी से बदलते परिदृश्य में पहले से कहीं अधिक चुस्त और प्रतिस्पर्धी बन पाएगा। इसका सीधा लाभ ग्राहकों को बेहतर सेवाओं के रूप में मिलेगा और साथ ही भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
APT का राष्ट्रव्यापी रोलआउट भारतीय डाक की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में एक बड़ा मील का पत्थर है। यह पहल न सिर्फ भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को दर्शाती है, बल्कि नागरिकों को सहज, सुरक्षित और स्मार्ट सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
