नई दिल्ली, 7 नवंबर । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने असम से दिल्ली तक चल रहे प्रतिबंधित सिगरेट तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस संबंध में चार आरोपितों को गिरफ्तार कर करीब 31 लाख मूल्य की अवैध सिगरेट जब्त की है। पकड़े गए आरोपितों की पहचान सुल्तानपुरी निवासी संतोष (53), नरेला निवासी मंतोष (43), गुवाहाटी असम निवासी किशोर (44) और नया बांस, दिल्ली निवासी वसीम उर्फ बादशाह (46) के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदौरा ने शुक्रवार को बताया कि 28 अक्टूबर को एएसआई तरुण सिंह रावत को गुप्त सूचना मिली थी कि असम से दिल्ली अवैध सिगरेट की बड़ी खेप आ रही है। सूचना को पुख्ता कर टीम ने मोरी गेट इलाके में छापा मारकर एक ट्रक को रोका। जिसकी तलाशी लेने पर बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सिगरेट बरामद हुई। ब्लैक ब्रांड के पैकेटों पर अनिवार्य स्वास्थ्य चेतावनी व पैकेजिंग विवरण नहीं था, जबकि गोल्ड फ्लैक ब्रांड के दस्तावेज अधूरे पाए गए। इस पर एफआईआर दर्ज कर ट्रक चालक संतोष सिंह को मौके से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में संतोष ने बताया कि वह करोल बाग स्थित एम/एस शिव शक्ति ट्रांसपोर्ट का मालिक है। उसे असम से फोन और मैसेंजर के जरिये ट्रांसपोर्ट के ऑर्डर मिलते थे। प्रतिबंधित सिगरेट असम से लाकर बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में स्कूटी सवार मंतोष की मदद से उतारी जाती थी और आगे मोरी गेट भेजी जाती थी। तकनीकी जांच और सीसीटीवी फुटेज से स्कूटी का नंबर मिला और पुलिस ने मंतोष कुमार को भी दबोच लिया।
असम कनेक्शन का पर्दाफाश
मंतोष ने पूछताछ में बताया कि वह एम/एस डबल डायनमिक एसआर ट्रांसपोर्टेशन नामक गुवाहाटी स्थित फर्म के दिल्ली ऑफिस में सुपरवाइजर है और सीधे असम के सप्लायर किशोर से संपर्क में था। किशोर ही अवैध सिगरेट के ट्रक दिल्ली भेजता था। ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और चैट से दोनों के बीच का संपर्क स्पष्ट हुआ। पुलिस ने तकनीकी जांच से असम का ट्रक मुरथल टोल प्लाजा (सोनीपत) के पास से बरामद किया और चालक मोहम्मद इरशाद से पूछताछ की, जिसने बताया कि उसे केवल माल लाने के निर्देश दिए गए थे। बाद में पुलिस ने असम जाकर किशोर को भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं किशोर ने पूछताछ में खुलासा किया कि यह सारा माल दिल्ली निवासी वसीम उर्फ बादशाह को भेजा गया था। पुलिस ने वसीम को नया बांस इलाके से गिरफ्तार किया। उसने कबूला कि वह प्रति कार्टन 5,000 से 8,000 तक कमाता था। उसके मोबाइल से मैसेंजर चैट, पेमेंट डिटेल और वॉयस नोट बरामद हुए हैं।
तस्करी का तरीका
किशोर ने बताया कि प्रतिबंधित सिगरेट की खेप म्यांमार सीमा से सटे मणिपुर के मोरेह कस्बे से आती है। यह माल मोरेह–इंफाल–नगालैंड–असम–मेघालय होते हुए गुवाहाटी पहुंचता था। यहां इसे वैध बिल वाले माल के साथ मिलाकर दूसरे राज्यों में भेज दिया जाता था ताकि जांच एजेंसियों की नजर से बचा जा सके।
पुलिस उपायुक्त हर्ष इंदोरा ने बताया कि यह गिरोह असम से दिल्ली तक फैले संगठित नेटवर्क के जरिए सिगरेट तस्करी कर रहा था। पुलिस की जांच में वित्तीय लेन-देन, डिजिटल चैट और लॉजिस्टिक चैनल के साक्ष्य मिले हैं।
