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बलरामपुर, 13 नवंबर । छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन इससे पहले ही बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। एसडीएम आनंद राम नेताम के नेतृत्व में ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। बिचौलियों में इतनी दहशत है कि एसडीएम की गाड़ी की आवाज सुनते ही वे खेत-खलिहानों से भाग खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, झारखंड और उत्तर प्रदेश से सीमावर्ती इलाकों के बिचौलिए अवैध रूप से धान को छत्तीसगढ़ में खपाने की कोशिश कर रहे थे। इस पर रामानुजगंज एसडीएम आनंद राम नेताम ने सख्त रुख अपनाते हुए नौ जगहों पर नाकेबंदी करवा दी। अब तक कुल 23 प्रकरण दर्ज कर 6081 बोरी धान जब्त की गई है।
एसडीएम नेताम ने बीते शाम हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि, “धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू हो रही है, ऐसे में बिचौलियों की सक्रियता बढ़ सकती है। लेकिन हमने तैयारी पूरी कर ली है, कोई भी अवैध गतिविधि बख्शी नहीं जाएगी।”
उल्लेखनीय है कि, रामानुजगंज में एसडीएम की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने न केवल प्रशासन की सख्ती का संदेश दिया है, बल्कि धान तस्करी के नेटवर्क को भी हिला कर रख दिया है। अब बिचौलियों को साफ चेतावनी है अगर सीमाओं से धान लाने की कोशिश की तो सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी।
