बलरामपुर, 7 दिसंबर । छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जारी भीषण शीतलहर ने आम जनजीवन को ठहर-सा दिया है। सामरी-पाट और कुसमी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान लगभग 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे खेतों, घास और खुले स्थानों पर बर्फ जमने लगी है। कई स्थानों पर तो घरों के बाहर रखे बर्तनों में पानी तक जम गया है।
जिले और आसपास के गांवों में रात का पारा लगातार नीचे जा रहा है। रामानुजगंज क्षेत्र में भी इसी तरह की शीतल स्थिति बनी हुई है। बीते तीन दिनों में न्यूनतम तापमान तेजी से फिसलकर करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक रिकॉर्ड किया गया। उत्तर से चली आ रही सर्द हवाओं के कारण दिनभर ठिठुरन बनी रहती है, जबकि शाम होते ही गलियां और सड़कें सुनसान हो जाती हैं।
ग्रामीण इलाकों में भी कड़ाके की ठंड का असर साफ दिखाई दे रहा है। खेतों में पाले की मोटी परत जम चुकी है और सुबह 8–9 बजे तक लोग अलाव के बिना घरों से बाहर निकलने में झिझकते हैं। खुले स्थानों पर रखा पानी पूरी तरह जम चुका है, जिससे लोगों को दैनिक कार्यों में भी परेशानी हो रही है।
स्थानीय निकायों ने शुरू की अलाव व्यवस्था
तेज ठंड के बीच लोग स्वेटर, मफलर, जैकेट और अलाव का सहारा ले रहे हैं। कुसमी नगर पंचायत द्वारा बस स्टैंड पर यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए अलाव की व्यवस्था की गई है, ताकि सुबह-शाम ठंड से राहत मिल सके। रामानुजगंज नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने बताया कि नगर के मुख्य चौक-चौराहों, बस स्टैंड और अस्पताल परिसर में नियमित रूप से अलाव के लिए लकड़ी उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि किसी को भी ठंड से परेशान न होना पड़े।
