14 दिसंबर । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली ने स्ट्रोक के उपचार के लिए विकसित स्वदेशी उपकरण ‘सुपरनोवा स्टंट’ का पहली बार सफल परीक्षण किया है।
एम्स के अनुसार, इस उपकरण को भारतीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जहां पश्चिमी देशों की तुलना में कम उम्र में ही स्ट्रोक के मामले सामने आते हैं।
संस्थान ने बताया कि सुपरनोवा स्टंट का निर्माण अब देश में ही किया जाएगा, जिससे हर वर्ष स्ट्रोक से प्रभावित होने वाले 17 लाख से अधिक मरीजों को बेहतर और किफायती उपचार मिल सकेगा।
