सर्दियों की शुरुआत होते ही बहुत से लोगों को सुबह बिस्तर से उठते समय जोड़ों में दर्द और अकड़न महसूस होने लगती है। अगर आपको भी ऐसा होता है, तो आप अकेले नहीं हैं। वैज्ञानिक रिसर्च बताती है कि ठंड के मौसम में जोड़ों का दर्द बढ़ना एक आम समस्या है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जैसे-जैसे तापमान गिरता है, शरीर की नसें और ब्लड वेसल्स सिकुड़ने लगती हैं, खासकर हाथों और पैरों में। ऐसा इसलिए होता है ताकि दिल और दूसरे जरूरी अंगों को पर्याप्त गर्मी मिल सके। लेकिन इस प्रक्रिया में जोड़ों तक ब्लड फ्लो कम हो जाता है, जिससे अकड़न और दर्द बढ़ जाता है।
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
CUIMC के रूमेटोलॉजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मारिया सालगाडो बताती हैं कि सर्दियों में बैरोमेट्रिक प्रेशर यानी वायुदाब में गिरावट भी जोड़ों के दर्द को बढ़ा सकती है। इसके अलावा ठंड के मौसम में लोग शारीरिक गतिविधि और एक्सरसाइज कम कर देते हैं, जिससे मांसपेशियों की ताकत और लचीलापन घट जाता है और दर्द और ज्यादा महसूस होता है।
क्या जोड़ों का दर्द और आर्थराइटिस एक ही है?
अक्सर लोग जोड़ों के दर्द को सीधे आर्थराइटिस समझ लेते हैं, लेकिन दोनों हमेशा एक जैसे नहीं होते। आर्थराइटिस एक बहुत आम बीमारी है। अमेरिका के CDC के अनुसार, वहां करीब 5.8 करोड़ लोग किसी न किसी तरह के आर्थराइटिस से प्रभावित हैं।
सबसे आम प्रकार है ऑस्टियोआर्थराइटिस, जिसमें समय के साथ जोड़ों के आसपास की टिश्यू खराब होने लगती है और सूजन पैदा होती है। वहीं रूमेटॉइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें शरीर की इम्यून सिस्टम गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला करने लगती है।
सर्दियों में जोड़ों की देखभाल कैसे करें?
ठंड में जोड़ों का दर्द बढ़ सकता है, लेकिन कुछ आसान उपाय अपनाकर इससे राहत पाई जा सकती है।
गरम कपड़े पहनें:
शरीर को अच्छी तरह ढककर रखें और लेयरिंग करें ताकि ठंड सीधे जोड़ों को प्रभावित न करे। बड़े जिप या वेल्क्रो वाले कपड़े पहनें ताकि उन्हें पहनना आसान हो। फिसलन से बचने के लिए ग्रिप वाले जूते चुनें।
एक्टिव रहें:
ठंड में भी हल्की एक्सरसाइज जरूरी है। सुबह गुनगुने पानी से नहाने से शरीर एक्टिव होता है। घर के अंदर ट्रेडमिल पर चलना, हल्का योग, मॉल में वॉक करना या गर्म पानी वाले स्विमिंग पूल में तैरना अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
हीट थेरेपी अपनाएं:
दर्द वाले जोड़ों पर गर्माहट देने से अकड़न और दर्द में राहत मिलती है। पैराफिन वैक्स बाथ, जिसमें हाथों को गर्म वैक्स में डुबोया जाता है, काफी फायदेमंद हो सकता है। हीटिंग पैड का इस्तेमाल भी मदद करता है।
हेल्दी लाइफस्टाइल रखें:
संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव को कंट्रोल में रखना जोड़ों के दर्द और आर्थराइटिस को मैनेज करने में अहम भूमिका निभाता है।
कब दवाओं की जरूरत पड़ती है?
अगर गरम कपड़े पहनने, एक्सरसाइज और घरेलू उपायों के बावजूद जोड़ों का दर्द कंट्रोल में न आए, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि दर्द की असली वजह क्या है।
