अंबिकापुर, 27 दिसंबर । दिसंबर के आख़िरी दिनों में उत्तर छत्तीसगढ़ में ठंड ने अचानक तेवर दिखा दिए हैं। शीतलहर की तेज़ दस्तक से सरगुजा संभाग के पाट क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक जनजीवन ठिठुर गया है। सुबह के वक्त खेतों और मैदानों में जमी ओस ने ठंड की तीव्रता का अहसास कराया। शीतलहर के असर से सरगुजा संभाग में तापमान लगातार गिर रहा है। पाट क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। शनिवार सुबह मैनपाट के खुले मैदानों में पाले की मोटी परत दिखाई दी। घास और पत्तियों पर जमी ओस की बूंदें बर्फ में तब्दील हो गईं।
पाट क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी ठंड का असर साफ नजर आया। अंबिकापुर और आसपास के क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री तक गिर गया। शनिवार को यह दिन इस मौसम का सबसे ठंडा दिन रहा। सामरीपाट और सोनहत जैसे क्षेत्रों में भी सुबह के समय पाले जमने की खबर है।
बीते 24 घंटों में अंबिकापुर का न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री दर्ज किया गया, जो इस सर्दी का अब तक का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले यह 4.5 डिग्री दर्ज किया गया था। वहीं अधिकतम तापमान 23.2 डिग्री के आसपास रहा।
नमी बढ़ने के कारण देर रात और सुबह के समय घना कोहरा छाने लगा है। सड़कों पर धुंध के चलते वाहनों की गति प्रभावित हुई। सुबह धूप निकलने के बाद कोहरे में कुछ कमी आई, लेकिन आने वाले दिनों में कोहरे का असर बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 31 दिसंबर तक शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिक एएम भट्ट के अनुसार उत्तरी क्षेत्रों से आ रही ठंडी हवाओं और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंड और बढ़ सकती है। संभावना है कि आने वाले दिनों में अंबिकापुर सहित आसपास के इलाकों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री से भी नीचे चला जाए।
ठंड बढ़ने के साथ ही शाम ढलते ही लोग अलाव का सहारा लेने लगे हैं। पाट क्षेत्रों में सूर्यास्त के बाद सन्नाटा पसर जाता है और सामान्य गतिविधियां सीमित हो गई हैं।
