इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने रविवार को घोषणा की कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का मुख्य विषय “एआई का लोकतंत्रीकरण, एआई विभाजन को पाटना” होगा। शिखर सम्मेलन का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता को एक ऐसी सक्षम और समावेशी तकनीक के रूप में बढ़ावा देना है, जो वैश्विक विकास और सामाजिक समानता का समर्थन करे।
नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए MeitY के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि वर्तमान में एआई क्षमताओं का कुछ चुनिंदा क्षेत्रों और बड़ी कंपनियों में सिमटना एक गंभीर वैश्विक चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि एआई को अधिक व्यापक रूप से सुलभ बनाना आवश्यक है, ताकि सभी देशों को कंप्यूटिंग शक्ति, डेटा और मॉडल जैसे अहम बुनियादी ढांचों तक समान पहुंच मिल सके। इससे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप एआई समाधानों के विकास को गति मिलेगी।
प्रेस वार्ता में MeitY के साथ-साथ इंडिया एआई मिशन, डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन, एनआईसी, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन, एनईजीडी और सीईआरटी-इन सहित कई सहयोगी संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इंडिया एआई मिशन के अंतर्गत आयोजित होने वाला यह शिखर सम्मेलन भारत को जिम्मेदार और समावेशी एआई के वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम होगा, खासकर विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ के लिए।
मंत्रालय के अनुसार, शिखर सम्मेलन तीन मूल सिद्धांतों—लोग, ग्रह और प्रगति—पर आधारित होगा। इसके तहत सात विषयगत कार्य समूह बनाए जाएंगे, जो मानव संसाधन विकास, स्थानीय और समावेशी एआई सिस्टम, सुरक्षित और भरोसेमंद शासन ढांचे, ऊर्जा-कुशल और टिकाऊ एआई, वैज्ञानिक सहयोग, एआई संसाधनों के लोकतंत्रीकरण तथा आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण में एआई के उपयोग जैसे मुद्दों पर काम करेंगे।
इन विषयों को अंतिम रूप देने से पहले सार्वजनिक प्रतिक्रियाएं ली गईं, 500 से अधिक संगठनों से परामर्श किया गया और टोक्यो, न्यूयॉर्क, पेरिस और ओस्लो सहित कई वैश्विक शहरों में अंतरराष्ट्रीय चर्चाएं आयोजित की गईं।
शिखर सम्मेलन में YUVAi, AI बाय HER और AI फॉर ऑल जैसी प्रमुख वैश्विक पहलों को भी शामिल किया जाएगा। इन पहलों के माध्यम से 135 देशों से 15,000 से अधिक पंजीकरण प्राप्त हुए हैं और लगभग 4,700 प्रस्तुतियां आई हैं, जिनमें ग्लोबल साउथ की भागीदारी उल्लेखनीय रही है।
इसके अतिरिक्त, इंडिया एआई टिंकरप्रेन्योर चैलेंज के जरिए स्कूली छात्रों के नवाचार, स्टार्टअप्स के लिए वैश्विक एआई पिच फेस्ट ‘उड़ान’, विभिन्न क्षेत्रों में एआई उपयोग के मामलों पर अंतरराष्ट्रीय संकलन, भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट एक्सपो और अफ्रीका, एशिया व लैटिन अमेरिका के अग्रणी एआई शोध को प्रदर्शित करने वाली एक अनुसंधान संगोष्ठी भी आयोजित की जाएगी।
शिखर सम्मेलन की तैयारियों के तहत भारत अब तक दुनिया भर में लगभग 300 पूर्व-शिखर सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित कर चुका है, जिनमें से 57 कार्यक्रम 25 से अधिक देशों में हो चुके हैं। व्यापक वैश्विक भागीदारी और भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों के साथ तालमेल सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय एआई प्रभाव सम्मेलनों का आयोजन भी किया जा रहा है।
