खाना बनाना केवल स्वाद और खुशबू तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे विज्ञान की भी अहम भूमिका होती है। हर डिश की पकने की प्रक्रिया वैज्ञानिक नियमों पर आधारित होती है। इसी विज्ञान से जुड़ा एक सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है—दाल पकाते समय उसके ऊपर बनने वाला झाग आखिर क्या होता है?
जब दाल को खुले बर्तन में उबाला जाता है, तो उसके ऊपर सफेद या हल्के भूरे रंग का झाग जमने लगता है। देखने में यह साबुन जैसा लगता है, जिस वजह से कई लोग इसे सेहत के लिए हानिकारक मानते हैं। कई एक्सपर्ट्स की राय है कि इस झाग को पकाते समय हटा देना बेहतर होता है।
झाग बनने की वजह क्या है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दाल में सैपोनिन नामक तत्व पाए जाते हैं। ये एक प्रकार के ग्लाइकोसाइड्स होते हैं, जो पानी के संपर्क में आते ही घुलने लगते हैं। सैपोनिन में साबुन जैसे गुण होते हैं और उबालने पर ये हवा को अपने अंदर फंसा लेते हैं, जिससे झाग बनता है।
विज्ञान क्या कहता है?
एक अन्य वैज्ञानिक तर्क के अनुसार, दाल को उबालने पर उसमें मौजूद प्रोटीन सतह पर आ जाते हैं। हवा में मौजूद गैसें गर्म पानी की तुलना में ज्यादा होती हैं, जो इन प्रोटीन के साथ मिलकर झाग का रूप ले लेती हैं। इस प्रक्रिया को प्रोटीन डिनैचुरेशन कहा जाता है।
क्या यह झाग नुकसानदेह है?
कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि इस झाग में मौजूद ग्लाइकोसाइड्स की प्राकृतिक संरचना टूट जाती है, और ऐसे तत्वों का सेवन शरीर के लिए लाभकारी नहीं माना जाता। इसलिए दाल पकाते समय ऊपर जमा झाग को निकालने की सलाह दी जाती है।
हालांकि, कुछ जगहों पर यह भी कहा गया है कि सैपोनिन, स्टार्च और प्रोटीन की थोड़ी मात्रा सेहत के लिए नुकसानदेह नहीं होती, बल्कि कुछ मामलों में फायदेमंद भी हो सकती है।
झाग को लेकर फैली गलतफहमी
कई लोग इस झाग को यूरिक एसिड समझ लेते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार यह धारणा पूरी तरह गलत है। यह झाग न तो जहरीला होता है और न ही इससे कोई बीमारी होती है।
दाल पकाने का सही तरीका
विशेषज्ञों का मानना है कि दाल को खुले बर्तन में पकाना प्रेशर कुकर की तुलना में बेहतर होता है। जैसे ही दाल उबलने लगे और ऊपर झाग दिखाई दे, उसे चम्मच, करछी या चाय छानने वाली छलनी की मदद से आसानी से हटाया जा सकता है।
