नई दिल्ली, 30 दिसंबर । उर्वरक क्षेत्र की प्रमुख सहकारी संस्था भारतीय कृषक उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) ने मंगलवार को वर्ष 2025 का ‘इफको साहित्य सम्मान’ कथाकार मैत्रेयी पुष्पा को प्रदान किया। साथ ही ‘इफको युवा साहित्य सम्मान’ अंकिता जैन को उनकी पुस्तक ‘ओह रे! किसान’ के लिए दिया है।
नई दिल्ली स्थित कमानी सभागार में आयोजित एक समारोह में ये सम्मान इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने प्रदान किया। इस पुरस्कार के तहत सम्मानित साहित्यकार को एक प्रतीक चिह्न, प्रशस्ति पत्र तथा 11 लाख रुपये की राशि का चैक प्रदान किया जाता है।
भारतीय कृषक उर्वरक सहकारी लिमिटेड के मुताबिक वरिष्ठ साहित्यकार चंद्रकांता की अध्यक्षता वाली निर्णायक समिति ने मैत्रेयी पुष्पा का चयन ग्रामीण एवं कृषि जीवन के चित्रण और भारत के बदलते यथार्थ पर केन्द्रित उनके व्यापक साहित्यिक योगदान को ध्यान में रखकर किया। निर्णायक मंडल में नासिरा शर्मा, अनंत विजय, यतींद्र मिश्र, डॉ. नलिन विकास एवं उत्कर्ष शुक्ल शामिल थे।
इफको की ओर से वर्ष 2011 में शुरू किया गया यह सम्मान प्रत्येक वर्ष ऐसे हिन्दी लेखक को दिया जाता है, जिसकी रचनाओं में मुख्यतः ग्रामीण एवं कृषि जीवन का चित्रण किया गया हो। इससे पहले यह सम्मान विद्यासागर नौटियाल, शेखर जोशी, संजीव, मिथिलेश्वर, अष्टभुजा शुक्ल, कमलाकांत त्रिपाठी, रामदेव धुरंधर, रामधारी सिंह दिवाकर, महेश कटारे, रणेंद्र, शिवमूर्ति, जयनंदन, मधु कांकरिया और चंद्रकिशोर जायसवाल को प्रदान किया गया है।
