केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को एचएएल (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड) के हेलीकॉप्टर डिवीजन में स्वदेशी शक्ति इंजन से लैस ध्रुव एनजी हेलीकॉप्टर की पहली उड़ान को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर उन्होंने इसे भारतीय विमानन इतिहास का एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण बताया।
नायडू ने कहा कि ध्रुव एनजी की सफल उड़ान भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में एचएएल के हेलीकॉप्टरों को उड़ते हुए देखना है। उन्होंने ध्रुव एनजी को भारतीय इंजीनियरिंग का “ग्लोबल एंबेसडर” बताते हुए कहा कि दुनिया को यह कहना चाहिए कि अगर भरोसेमंद हेलीकॉप्टर चाहिए तो भारतीय ध्रुव खरीदिए।
उन्होंने कहा कि भारत अब केवल दुनिया का बाजार नहीं बल्कि दुनिया की फैक्ट्री बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आयात पर निर्भरता से निकलकर स्वदेशी और भरोसेमंद तकनीक की ओर बढ़ा है। उन्होंने कहा कि ध्रुव का शक्ति इंजन यह साबित करता है कि ‘मेक इन इंडिया’ सिर्फ नारा नहीं, बल्कि वैश्विक गुणवत्ता की पहचान है।
नायडू ने एचएएल को भारतीय विमानन विकास की आधारशिला बताते हुए कहा कि यह संगठन देश की नागरिक और रक्षा विमानन जरूरतों को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने इसे देश की सौदेबाजी की ताकत को बढ़ाने वाला कदम बताया और कहा कि रक्षा और नागरिक उड्डयन के बीच यह साझेदारी बहुत समय से जरूरी थी।
उन्होंने बताया कि पवन हंस को 10 हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए अनुबंध को अंतिम रूप दिया जा रहा है और कई राज्य सरकारों तथा एजेंसियों ने भी ध्रुव एनजी खरीदने में रुचि दिखाई है। नायडू ने कहा कि यह हेलीकॉप्टर वीआईपी मूवमेंट, एयर एंबुलेंस, आपदा राहत, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लॉजिस्टिक सपोर्ट, ऑफशोर ऑपरेशंस और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में बेहद उपयोगी साबित होगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि अगले कुछ हफ्तों में यह हेलीकॉप्टर पूरी तरह प्रमाणित होकर मजबूती से भारतीय आसमान में उड़ान भरेगा और आत्मनिर्भर भारत के सपने को नई ऊंचाई देगा।
