02 जनवरी । नए लेबर कोड के लागू होने से गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को बड़ा लाभ मिलने वाला है। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने चारों लेबर कोड से जुड़े ड्राफ्ट नियम जारी कर दिए हैं, जिनके तहत गिग वर्कर्स को न्यूनतम वेतन, स्वास्थ्य, व्यावसायिक सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसे अधिकार मिलेंगे।
सरकार ने इन ड्राफ्ट नियमों पर सभी हितधारकों से फीडबैक मांगा है
सरकार ने इन ड्राफ्ट नियमों पर सभी हितधारकों से फीडबैक मांगा है। उद्देश्य है कि चारों लेबर कोड को एक अप्रैल से पूरे देश में लागू किया जाए। यह जानकारी गिग वर्कर्स की प्रस्तावित हड़ताल से एक दिन पहले 30 दिसंबर, 2025 को जारी नोटिफिकेशन में दी गई।
गिग कर्मचारी का किसी एक प्लेटफॉर्म से कम से कम 90 दिनों तक जुड़ा होना जरूरी
ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा का लाभ पाने के लिए किसी गिग कर्मचारी का किसी एक प्लेटफॉर्म से कम से कम 90 दिनों तक जुड़ा होना जरूरी होगा। यदि कोई गिग कर्मचारी एक साथ दो प्लेटफॉर्म पर काम करता है, तो यह अवधि 120 दिन निर्धारित की गई है।
कर्मचारी किसी एग्रीगेटर के लिए किए गए कार्य से आय अर्जित करता है, तो उसे उस दिन “कार्यरत” माना जाएगा
नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी कैलेंडर दिन में यदि कर्मचारी किसी एग्रीगेटर के लिए किए गए कार्य से आय अर्जित करता है, तो उसे उस दिन “कार्यरत” माना जाएगा, भले ही आय की राशि कितनी भी हो। यदि कोई कर्मचारी एक से अधिक एग्रीगेटरों से जुड़ा है, तो सभी प्लेटफॉर्म पर किए गए कार्य दिवसों को जोड़कर गणना की जाएगी। ड्राफ्ट में यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि कोई कर्मचारी एक ही कैलेंडर दिन में तीन एग्रीगेटरों के लिए काम करता है, तो उसे तीन अलग-अलग कार्य दिवसों के रूप में गिना जाएगा।
न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करते समय केंद्र सरकार भौगोलिक क्षेत्र, अनुभव और कौशल स्तर जैसे कारकों को ध्यान में रखेगी
न्यूनतम मजदूरी को लेकर ड्राफ्ट में कहा गया है कि जब एक दिन की मजदूरी तय की जाएगी, तो उसे आठ से विभाजित कर प्रति घंटे की मजदूरी और 26 से गुणा कर मासिक मजदूरी तय की जाएगी। न्यूनतम मजदूरी निर्धारित करते समय केंद्र सरकार भौगोलिक क्षेत्र, अनुभव और कौशल स्तर- अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और उच्च कुशल- जैसे कारकों को ध्यान में रखेगी।
श्रम संहिताओं के तहत नियोक्ताओं के लिए सभी श्रमिकों को नियुक्ति पत्र जारी करना अनिवार्य किया गया है
वेतन संहिता, 2019; औद्योगिक संबंध संहिता, 2020; सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020; और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता, 2020 को एक साथ अधिसूचित किया गया है। श्रम संहिताओं के तहत नियोक्ताओं के लिए सभी श्रमिकों को नियुक्ति पत्र जारी करना अनिवार्य किया गया है, जिससे पारदर्शिता, नौकरी की सुरक्षा और रोजगार में स्थिरता सुनिश्चित होगी। इससे पहले नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य नहीं था।
सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों सहित सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज मिलेगा
सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों सहित सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज मिलेगा। इसके अंतर्गत पीएफ, ईएसआईसी, बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ शामिल होंगे, जबकि पहले यह कवरेज सीमित था।
मजदूरी संहिता, 2019 के तहत सभी श्रमिकों को वैधानिक न्यूनतम मजदूरी और समय पर भुगतान का मिलेगा अधिकार
इसी तरह, मजदूरी संहिता, 2019 के तहत सभी श्रमिकों को वैधानिक न्यूनतम मजदूरी और समय पर भुगतान का अधिकार मिलेगा। पहले न्यूनतम मजदूरी केवल अनुसूचित उद्योगों और रोजगारों तक सीमित थी, जिससे श्रमिकों का बड़ा वर्ग इससे वंचित रह जाता था।
