रबा, 05 जनवरी। राज्य में खाद्य तेल उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम अब किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रहे हैं। ऑयल पाम जैसी दीर्घकालीन और लाभकारी फसल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने प्रति हेक्टेयर अनुदान के साथ अतिरिक्त टॉप-अप राशि देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर कृषि विभाग द्वारा मंजूर की गई इस नई व्यवस्था से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की दिशा में बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है।
उद्यानिकी विभाग के अनुसार केंद्र और राज्य सरकार 60ः40 के अनुपात में 1.30 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान दे रही है। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा 69 हजार 620 रुपये प्रति हेक्टेयर का अतिरिक्त टॉप-अप देने की स्वीकृति दी गई है। इस राशि का उपयोग रख-रखाव, अंतरवर्ती फसल, ड्रिप सिंचाई और फैसिंग के लिए किया जा सकेगा। रख-रखाव के लिए पहले मिलने वाले 5,250 रुपये के साथ अब 1,500 रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। अंतरवर्ती फसल के लिए 5,250 रुपये के साथ 5,000 रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। ड्रिप सिंचाई हेतु 14 हजार 130 रुपये और पहली बार फैसिंग के लिए 54 हजार 485 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान प्रदान किया जाएगा।
