Adelaide International 1: Djokovic downs Shapovalov, sets semis showdown with Medvedev. (Credit : ATP Tour)
05 जनवरी। सर्बियाई के महान टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने कहा कि उन्होंने “प्रोफेशनल टेनिस प्लेयर्स एसोसिएशन” से पूरी तरह से दूरी बना ली है। इस संस्था की स्थापना उन्होंने ही की थी। जोकोविच का कहना है कि संगठन में पारदर्शिता और संचालन को लेकर लगातार समस्याएं थीं।
जोकोविच और कनाडाई टेनिस खिलाड़ी वासेक पोस्पिसिल ने प्रोफेशनल टेनिस प्लेयर्स एसोसिएशन (पीटीपीए) की स्थापना एक नॉन-प्रॉफिट कॉर्पोरेशन के तौर पर की थी। ये प्रोफेशनल टेनिस के भविष्य को आकार देने में खिलाड़ियों की एक एकजुट, स्वतंत्र आवाज को सुनिश्चित करने के लिए की गई थी।
जोकोविच ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “काफी सोच-विचार के बाद, मैंने प्रोफेशनल टेनिस प्लेयर्स एसोसिएशन से पूरी तरह से अलग होने का फैसला किया है। यह फैसला पारदर्शिता, गवर्नेंस और जिस तरह से मेरी छवि को पेश किया गया है, उसे लेकर लगातार चिंताओं के बाद लिया गया है।”
पोस्ट में लिखा था, “मुझे उस विजन पर गर्व है जो मैंने और वासेक ने पीटीपीए की स्थापना करते समय साझा किया था, जिससे खिलाड़ियों को एक मजबूत, स्वतंत्र आवाज मिली – लेकिन यह साफ हो गया है कि मेरे मूल्य और दृष्टिकोण अब संगठन की मौजूदा दिशा से मेल नहीं खाते हैं।”
उन्होंने साफ किया कि अब वे अपने खेल, परिवार और टेनिस के विकास में अपने सिद्धांतों के अनुसार योगदान देने पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा, “मैं अपने टेनिस, अपने परिवार और खेल में ऐसे तरीकों से योगदान देने पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखूंगा जो मेरे सिद्धांतों और ईमानदारी को दर्शाते हैं। मैं खिलाड़ियों और इसमें शामिल लोगों को शुभकामनाएं देता हूं क्योंकि वे आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन मेरे लिए, यह अध्याय अब बंद हो गया है।”
मार्च 2025 में पीटीपीए और कई खिलाड़ियों ने एटीपी, डब्ल्यूटीए, आईटीएफ और आईटीआईए समेत अन्य संस्थाओं पर कानूनी कार्रवाई की थी, जिसे एटीपी और डब्ल्यूटीए ने खारिज कर दिया। उन पर कई एंटीट्रस्ट उल्लंघनों का आरोप लगाया गया।
मुकदमे में कहा गया है कि खिलाड़ियों को अपनी मेहनत के अनुसार अधिक कमाई का अधिकार मिलना चाहिए। आरोप है कि चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों- विंबलडन, यूएस ओपन, फ्रेंच ओपन और ऑस्ट्रेलियन ओपन, और अन्य पेशेवर टूर्नामेंटों का संचालन करने वाली संस्थाएं इनाम राशि पर सीमा तय करती हैं। इसके कारण खिलाड़ियों को मिलने वाली पुरस्कार राशि सीमित रह जाती है। साथ ही, इन संस्थाओं की नीतियों के चलते खिलाड़ी मैदान के बाहर भी अपनी कमाई बढ़ाने के अवसरों का पूरा लाभ नहीं उठा पाते।
दूसरी ओर, एटीपी और डब्ल्यूटीए ने इन सभी आरोपों को सख्ती से खारिज किया है। दोनों संगठनों ने साफ कहा है कि वे अपने फैसलों और नीतियों का बचाव करेंगे और इन आरोपों को गलत मानते हैं।
