07 जनवरी। विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता पूजा रानी और भारतीय अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज जदुमणि सिंह ने मंगलवार को आसान जीत दर्ज की, जबकि ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और पूर्व राष्ट्रमंडल खेलों के चैंपियन अमित पंघाल को एलीट पुरुष और महिला राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में करीबी फैसलों का सामना करना पड़ा।
ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित हो रही चैंपियनशिप में पहली बार पुरुष और महिला राष्ट्रीय स्पर्धाएं एक ही स्थान पर एक साथ आयोजित की जा रही हैं। पुरुष और महिला वर्गों में 10-10 भार श्रेणियों में 600 से अधिक मुक्केबाज प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
हरियाणा की पूजा रानी ने 75-80 किलोग्राम वर्ग में चंडीगढ़ की अंजू को सर्वसम्मति से 5-0 के फैसले से हराया। वहीं, जादुमणि सिंह (50-55 किलोग्राम) ने तमिलनाडु के आर. पार्थिबन के खिलाफ मुकाबले में दबदबा बनाए रखते हुए दूसरे दौर में रेफरी को मैच रोकने के लिए मजबूर कर दिया।
असम की सावीती ने लवलीना बोरगोहेन को कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंत में लवलीना ने विभाजित निर्णय में 3-2 से जीत हासिल की। पुरुषों की प्रतियोगिता में, सर्विसेज स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड (एसएससीबी) का प्रतिनिधित्व कर रहे अमित पंघाल (50-55 किलोग्राम) ने हरियाणा के प्रियांशु को 3-2 के समान अंतर से हराया।
इस चैंपियनशिप में कई प्रमुख मुक्केबाज प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, जिनमें महिला वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मीन, पूर्व विश्व चैंपियन नीतू घंघास और एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार शामिल हैं। पुरुष वर्ग में विश्व बॉक्सिंग कप फाइनल के स्वर्ण पदक विजेता हितेश और सचिन, रजत पदक विजेता अभिनश जमवाल और एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता नरेंद्र बेरवाल शामिल हैं।
प्रत्येक राज्य संघ ने अधिकतम 10 पुरुष और 10 महिला मुक्केबाजों को प्रवेश दिया है। नवंबर 2025 में नोएडा में आयोजित विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल में भाग लेने वाले एथलीटों को चैंपियनशिप में सीधा प्रवेश दिया गया है।
1 जनवरी, 1985 और 31 दिसंबर, 2006 के बीच जन्मे मुक्केबाज प्रतियोगिता में भाग लेने के पात्र हैं। ओलंपिक भार वर्ग में पदक जीतने वालों को राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में आमंत्रित किया जाएगा, जबकि गैर-ओलंपिक वर्गों से केवल स्वर्ण और रजत पदक विजेताओं का ही चयन किया जाएगा।
