जावेद अख्तर के ‘रचनात्मक बैंकरप्ट’ बयान पर सिंगर सोनू निगम ने अब अपनी चुप्पी तोड़ी है। फिल्म बॉर्डर 2 की रिलीज़ के मौके पर सोनू निगम ने एक वीडियो शेयर करते हुए न सिर्फ जावेद अख्तर के बयान पर प्रतिक्रिया दी, बल्कि यह भी बताया कि ‘संदेशे आते हैं’ जैसा गाना इस फिल्म के लिए क्यों ज़रूरी है।
सोनू निगम ने वीडियो में कहा कि 1997 में वह बॉर्डर के प्रीमियर में शामिल हुए थे और अब 2026 में बॉर्डर 2 के प्रीमियर में खड़े हैं। जावेद अख्तर का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि यह बात सही है कि पुराने गानों को दोहराना हमेशा सही नहीं होता, लेकिन अगर बॉर्डर एक फौजी है, तो ‘संदेशे आते हैं’ उसकी वर्दी है। इसके बिना बॉर्डर की कल्पना अधूरी है।
सोनू निगम ने यह भी माना कि नए गानों की ज़रूरत होती है और इसी सोच के साथ बॉर्डर 2 में ‘मिट्टी के बेटे’ जैसे नए गाने को भी शामिल किया गया है, जो फौजियों के लिए एक तोहफे की तरह है।
दरअसल, जावेद अख्तर ने पहले बयान दिया था कि उन्हें बॉर्डर 2 के लिए गाने लिखने का ऑफर मिला था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने पुराने क्लासिक गानों को दोबारा इस्तेमाल करने के ट्रेंड को बौद्धिक और रचनात्मक दिवालियापन बताया था। इस बयान पर फिल्म के निर्माता भूषण कुमार ने भी प्रतिक्रिया दी थी और कहा था कि ‘संदेशे आते हैं’ के बिना बॉर्डर 2 की कल्पना संभव ही नहीं थी।
गौरतलब है कि 1997 में ‘संदेशे आते हैं’ को सोनू निगम ने अपनी आवाज़ दी थी और अब 2026 में उन्होंने एक बार फिर इस गाने को नए अंदाज़ में गाया है। बॉर्डर 2 में यह गाना ‘घर कब आओगे’ शीर्षक से शामिल किया गया है, जिसमें विशाल मिश्रा, अरिजीत सिंह और दिलजीत दोसांझ ने भी आवाज़ दी है। मनोज मुंतशिर द्वारा लिखे गए इस इमोशनल ट्रैक ने रिलीज़ के साथ ही सुपरहिट गानों की सूची में अपनी जगह बना ली है।
