अंबिकापुर, 06 फ़रवरी। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में एक बार फिर ठंड ने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ते ही उत्तर दिशा से आ रही सर्द हवाओं ने पूरे संभाग को ठिठुरा दिया है। खासकर पाट इलाकों में रातें बेहद सर्द हो गई हैं, जहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। मैदानी इलाकों में भी ठंड का असर साफ नजर आ रहा है।
संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान गिरकर करीब 8 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले पांच दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है और रात के तापमान में और गिरावट देखी जा सकती है।
बीते दिनों पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से न्यूनतम तापमान में अस्थायी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जो 11 डिग्री तक पहुंच गया था। हालांकि, मंगलवार को सोनहत सहित कई क्षेत्रों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद मौसम ने अचानक करवट ली और तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। अब पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होते ही उत्तरी सर्द हवाएं पूरे संभाग में प्रभावी हो गई हैं।
पाट क्षेत्र ही नहीं, बल्कि मैदानी इलाकों में भी शीतलहर का असर बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को पाट इलाकों में तापमान 6 डिग्री के करीब रहा, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, फिलहाल अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है, लेकिन रातें लगातार ठंडी बनी रहेंगी। मौसम विज्ञानी ए.एम. भट्ट के मुताबिक, यदि आने वाले दिनों में कोई नया मौसम तंत्र सक्रिय होता है, तो 10 फरवरी के बाद न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर, सतर्क रहने की सलाह-
दिन और रात के तापमान में लगभग 20 डिग्री तक के अंतर ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। अत्यधिक ठंडी रातों के कारण सर्दी, खांसी, बुखार और मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।
