प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का विषय ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ है, जिसका अर्थ है ‘सभी का कल्याण और सभी की खुशी’, जो मानव-केंद्रित प्रगति के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करने की देश की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पांच दिवसीय इस कार्यक्रम का आज नई दिल्ली में उद्घाटन हुआ, जहां हॉल खचाखच भरे हुए थे और लोगों की लंबी कतारें लगी हुई थीं।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में श्री मोदी ने कहा कि यह देशवासियों के लिए अत्यंत गर्व की बात है कि भारत एआई इम्पैक्ट समिट के लिए विश्वभर से लोग देश में आ रहे हैं। उन्होंने शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए विश्व के नेताओं, उद्योगपतियों, नवप्रवर्तकों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और प्रौद्योगिकी प्रेमियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह अवसर इस बात का प्रमाण है कि देश विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यह आयोजन देश के युवाओं की क्षमता को भी दर्शाता है।
इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट, ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला वैश्विक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) शिखर सम्मेलन है। प्रौद्योगिकी जगत के दिग्गज, उद्योगपति, नीति निर्माता, संस्थापक और प्रौद्योगिकीविद विश्व के सबसे बड़े एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए उमड़ रहे हैं। पांच दिवसीय यह शिखर सम्मेलन भारत को वैश्विक एआई सहयोग में एक संयोजक और भागीदार के रूप में स्थापित करता है, जो साझा मानकों, सहयोगी ढांचों और जनहित के लिए स्केलेबल समाधानों का समर्थन करता है। सौ से अधिक देशों को शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है और दो लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है।
इस कार्यक्रम में बीस देशों के विश्व नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें फ्रांस, ब्राजील, स्पेन, स्विट्जरलैंड और श्रीलंका के राष्ट्रपति, संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी के क्राउन प्रिंस और नीदरलैंड, मॉरीशस और भूटान के प्रधान मंत्री शामिल हैं।
इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 तीन मूलभूत स्तंभों या सूत्रों द्वारा निर्देशित है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर वैश्विक सहयोग का मार्गदर्शन करने वाले मूल सिद्धांतों को स्पष्ट करते हैं।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) भारत के विकास पथ का एक प्रमुख साधन है, जो शासन को मजबूत बनाने और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेता, नीति निर्माता, प्रौद्योगिकी कंपनियां, नवप्रवर्तक और विशेषज्ञ एक साथ आएंगे और शासन, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में AI की परिवर्तनकारी क्षमता पर विचार-विमर्श करेंगे। आज इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के पहले दिन, भारत मंडपम और सुषमा स्वराज भवन में विभिन्न विषयों पर पैनल चर्चाएं आयोजित की जा रही हैं। इनमें AI युग में रोजगार के भविष्य, भारत के न्यायिक तंत्र को बदलने के लिए AI का उपयोग, सड़क सुरक्षा के लिए AI: भारत में सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए डेटा-आधारित समाधान और स्मार्ट एवं लचीली कृषि के लिए AI शामिल हैं। AI के रणनीतिक महत्व को पहचानते हुए, भारत ने एक मजबूत और समावेशी AI पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण को उच्च प्राथमिकता दी है। इंडिया AI मिशन, AI कंप्यूटिंग अवसंरचना का विकास, स्वदेशी AI मॉडल को बढ़ावा देना और बड़े पैमाने पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम जैसी पहल देश में जिम्मेदार और विश्वसनीय AI अपनाने के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रही हैं।
