21 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायका से मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय पहलों में हुई प्रगति की समीक्षा की और सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
पदभार संभालने के बाद से राष्ट्रपति दिसानायका की यह भारत की दूसरी यात्रा थी, इससे पहले उन्होंने दिसंबर 2024 में राजकीय यात्रा की थी।
नेताओं ने हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठकों, जिनमें अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की श्रीलंका की राजकीय यात्रा भी शामिल है, से हुई प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने भौतिक, डिजिटल और ऊर्जा कनेक्टिविटी के क्षेत्र में सहयोग को गति देने के साझा संकल्प पर बल दिया। विकास में प्रौद्योगिकी की भूमिका को पहचानते हुए, उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग में तालमेल पर अपने विचार साझा किए।
राष्ट्रपति दिसानायका ने चक्रवात दित्वा के बाद भारत द्वारा दी गई त्वरित और बिना शर्त सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत आपातकालीन राहत सामग्री उपलब्ध कराई और खोज एवं बचाव कार्यों में सहायता की। दोनों नेताओं ने 450 मिलियन अमेरिकी डॉलर के सहायता पैकेज के माध्यम से भारत द्वारा जारी पुनर्निर्माण सहायता में संतोषजनक प्रगति का उल्लेख किया।
श्रीलंका में पवित्र देवनीमोरी अवशेषों की हाल ही में हुई सफल प्रदर्शनी का स्वागत करते हुए, नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सभ्यतागत संबंध भारत-श्रीलंका साझेदारी को अद्वितीय शक्ति प्रदान करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति दिसानायका ने श्रीलंका की सतत विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता में योगदान देने के लिए द्विपक्षीय सहयोग को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
