सूरजपुर, 17 मार्च। सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को त्वरित और निशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना लागू करने की दिशा में कदम तेज हो गए हैं। इसी कड़ी में मंगलवार काे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कपील देव पैंकरा के निर्देशन में एक दिवसीय समीक्षा बैठक सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें शासकीय एवं निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी गई।
बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को गोल्डन आवर के दौरान तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल में भर्ती मरीजों को अधिकतम सात दिनों तक या 1.50 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी। इस दौरान मरीज या उसके परिजनों से किसी भी प्रकार की राशि नहीं ली जाएगी।
योजना के तहत राज्य के सभी मान्यता प्राप्त शासकीय एवं निजी अस्पतालों में दुर्घटना पीड़ितों का उपचार किया जा सकेगा। कार्यशाला में अस्पतालों को उपचार प्रक्रिया, क्लेम सबमिशन, डीएआर/आईटी पोर्टल में पंजीयन और संचालन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि दुर्घटना पीड़ितों का तत्काल पंजीयन पोर्टल पर सुनिश्चित किया जाए और उपचार से संबंधित आवश्यक दस्तावेज समय पर अपलोड किए जाएं।
इसके साथ ही अस्पतालों में 24×7 आपातकालीन एवं ट्रॉमा सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस और परिवहन विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने और उपचार देने पर विशेष जोर दिया गया। सभी अस्पतालों को ई-डीएआर पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि योजना का लाभ प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुंच सके।
