देश में न्याय तक आसान पहुंच बनाने के लिए “न्याय सेतु AI चैटबॉट” और इसका मैस्कॉट “दिशिका” लॉन्च किया गया। इस पहल का उद्घाटन उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और कानून एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विज्ञान भवन में आयोजित दिशा कार्यक्रम में किया।
“न्याय सेतु” एक AI आधारित डिजिटल सहायक है, जो लोगों को कानूनी जानकारी आसान भाषा में समझने में मदद करेगा। यह प्लेटफॉर्म आवाज (वॉइस) और टेक्स्ट दोनों के जरिए काम करता है और कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है।
इसका उद्देश्य आम लोगों को उनके अधिकार, कानूनी प्रक्रिया और आगे के कदमों की जानकारी सरल तरीके से देना है, ताकि न्याय तक पहुंच आसान हो सके।
इस प्लेटफॉर्म को डिजिटल इंडिया भाषिनी (BHASHINI) के तहत तैयार किया गया है। भाषिनी के सीईओ अमिताभ नाग ने कहा कि यह पहल न्याय प्रणाली को ज्यादा समावेशी बनाएगी और भाषा की बाधा को खत्म करेगी।
कार्यक्रम के दौरान भाषिनी के “श्रुतलेख” सिस्टम ने उपराष्ट्रपति के भाषण का रियल-टाइम ट्रांसलेशन और ट्रांसक्रिप्शन किया, जिससे अलग-अलग भाषाओं में लोग आसानी से समझ सके।
“दिशिका” नाम का मैस्कॉट एक डिजिटल गाइड के रूप में काम करेगा, जो लोगों को कानूनी सवालों के जवाब देने और प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने में मदद करेगा।
सरकार का कहना है कि यह पहल खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी होगी, जिन्हें भाषा या जानकारी की कमी के कारण न्याय पाने में मुश्किल होती है।
