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बीजापुर, 21 अप्रैल। नक्सलियों की इकलौती बटालियन पीएलजीए (पीपुल्स लिबरल गुरिल्ला आर्मी) भी पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। मुठभेड़ में माड़वी हिड़मा की मौत और बारसा देवा, सोढ़ी केशा जैसे बड़े नक्सलियाें के आत्मसमर्पण के बाद हेमला विज्ना ही बटालियन का आखिरी कमांडर बचा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब उसने भी अपने 20 साथियों के साथ आत्मसमर्पण का मन बना लिया है। इसके लिए वह तेलंगाना पहुंच चुका है।
विज्जा जिस बटालियन को लीड कर रहा था, वह नक्सलियों की वह सैन्य टुकड़ी थी, जो केवल बड़े ऑपरेशन को अंजाम देती थी। फिर चाहे वह दंतेवाड़ा में एकसाथ 76 जवानों की शहादत हो या झीरम कांड, जिसमें प्रदेश कांग्रेस ने अपनी पहली पंक्ति के सारे नेता ही खो दिए। ऐसी सभी बड़ी वारदातों में पीएलजीए बटालियन सक्रिय थी। अब चूंकि पूरी पीएलजीए बटालियन ही खत्म हो चुकी है तो माना जा सकता है कि नक्सलियों का सबसे प्रभावशाली इलाका रहे दंडकारण्य क्षेत्र से नक्सलियों का वजूद अब खत्म हो चुका है।
वहीं छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में अब नक्सलियों का एकमात्र एरिया कमेटी मेंबर नंदकुमार बाकी रह गया है। फोर्स को उसकी सरगर्मी से तलाश है। उसे आत्मसमर्पण करवाने के लिए पुलिस उसके भाई राजा मंडावी से संपर्क करने की कोशिश कर रही है।
बीजापुर एसएसपी चंद्रकांत गर्वना का कहना है कि हेमला विज्जा बासागुड़ा इलाके में सक्रिय था। आत्मसमर्पण के लिए उसके तेलंगाना जाने की सूचना है। बीजापुर जिले में अब काेई भी नक्सली नहीं बचे हैं।
