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13 जून । विदेश सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के नवनियुक्त प्रतिनिधि डॉ. इवान हुतिन से मुलाकात की। मई 2026 में भारत में डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि नियुक्त किए गए डॉ. हुतिन ने इस दौरान अपना परिचय-पत्र (डॉक्यूमेंट) सिबी जॉर्ज को सौंपा।
सफल कार्यकाल की दी शुभकामनाएं
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज को भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ. इवान हुतिन से दस्तावेज प्राप्त हुए। मंत्रालय के अनुसार, सिबी जॉर्ज ने उन्हें भारत में सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
मई 2026 में संभाली नई जिम्मेदारी
डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, डॉ. इवान हुतिन ने मई 2026 में भारत में संगठन के प्रतिनिधि के रूप में अपना कार्यभार संभाला। इससे पहले वह डब्ल्यूएचओ मुख्यालय में एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) विभाग के निदेशक के पद पर कार्यरत थे। इस भूमिका में उन्होंने वैश्विक स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी बड़ी चुनौतियों से निपटने के प्रयासों का नेतृत्व किया।
सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में तीन दशक का अनुभव
डॉ. हुतिन के पास अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने क्लिनिकल मेडिसिन, महामारी विज्ञान, संक्रामक रोगों और वैश्विक स्वास्थ्य नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में व्यापक कार्य किया है। उन्होंने फ्रांस से हेपेटो-गैस्ट्रोएंटरोलॉजी में एमडी की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन से क्लिनिकल ट्रॉपिकल मेडिसिन में एमएससी किया। बाद में उन्होंने सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की एपिडेमिक इंटेलिजेंस सर्विस में कार्य किया और स्विस ट्रॉपिकल इंस्टीट्यूट से पीएचडी की उपाधि हासिल की।
कई देशों में निभाई महत्वपूर्ण भूमिकाएं
अपने करियर के दौरान डॉ. हुतिन ने अफ्रीका, यूरोप और एशिया के कई देशों में काम किया है। इनमें बुर्किना फासो, युगांडा और स्वीडन स्थित यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल में उनकी सेवाएं शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ के साथ 20 वर्ष से अधिक समय तक देश, क्षेत्रीय और मुख्यालय स्तर पर कार्य करते हुए उन्होंने दुनिया भर में कई महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
भारत और चीन में भी निभाई अहम जिम्मेदारियां
डॉ. हुतिन ने सुरक्षित इंजेक्शन वैश्विक नेटवर्क (साइन) की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने भारत को क्षेत्रीय महामारी विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम (एफईटीपी) की स्थापना में सहयोग प्रदान किया। चीन में हेपेटाइटिस-बी की रोकथाम और नियंत्रण से जुड़े कार्यक्रमों का नेतृत्व करने के साथ-साथ उन्होंने ग्लोबल हेपेटाइटिस प्रोग्राम के लिए रणनीतिक सूचनाओं के समन्वय की जिम्मेदारी भी निभाई।
